मेरठ के 11 व बागपत के 10 ब्लैक स्पॉट पर यातायात संकेतक व चौराहे से पहले की सड़कों पर रम्बल स्ट्रिप लगवाना सुनिश्चित करें तथा ब्लैक स्पॉट को खत्म करायें। नशे में वाहन चलाने वाले, बाईकों पर स्टंट करने वाले युवाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लायी जाए। नशे में वाहन चलाने वालों की जांच के लिए ब्रेथ ऐनेलाइजर खरीदें।
एसएसपी अखिलेश कुमार, आरटीओ मेरठ डॉ विजय कुमार, आरटीओ प्रशासन ओपी सिंह, एआरटीओ श्वेता वर्मा, मुख्य अभियंता एमडीएम दुर्गेश श्रीवास्तव, अपर नगर आयुक्त अमित सिंह, सहायक निदेश बेसिक ऐके सिंह, अमित नागर, विपुल सिंघल, सुशील शर्मा, पिंकी चिन्योटी, गौरव शर्मा मौजूद रहे।
ये ब्लैक स्पॉट चिह्नित
एनएच-58 (दिल्ली देहरादून हाईवे), दिल्ली पौड़ी मार्ग, मेरठ- बुलंदशहर हाईवे और शहर में भी ब्लैक स्पाट चिन्हित हैं। मेरठ पौड़ी मार्ग पर डेयरी फार्म तिराहा, फिटकरी पुलिया, मवाना तिराहा और बहसूमा बाईपास मोड़ हैं। यह वह ब्लैक स्पॉट हैं जहां प्रत्येक साल सड़क दुघर्टनाओं में जान जाती है। यहां न तो साइन बोर्ड लगे हुए हैं। न ही स्पीड कम के लिए ब्रेकर हैं।
पुलिस की तरफ से भी इन स्थानों पर कोई भी बोर्ड नहीं लगाए गये। रिठानी पीर और एनएच-58 पर मोहिउदीनपुर शुगर मिल, भूड़बराल परतापुर तिराहा, घाट तिराहा, सकौती फ्लाईओवर, नंगली गेट, रूहासा कट, दौराला में भराला कट, सिवाया कट, खड़ौली कट, दौराला थाना स्थित सर्विस रोड कट को चिन्हित किया गया है। ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों पर गौर करें तो प्रत्येक दिन औसतन एक व्यक्ति की सड़क दुर्घटना में मौत हो जाती है।