आरोपी बोला,हां मैने की हत्या
एसपी सिटी रणविजय सिंह, एएसपी कैंट सतपाल सिंह ने इस वारदात का शुक्रवार दोपहर पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर खुलासा किया। आरोपी लाखन को पत्रकारों के सामने बुलाया। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी लाखन ने युवती का अपहरण कर अपने एक दोस्त मोनू के साथ गैंगरेप किया और फिर उसकी गला घोटकर हत्या कर दी। प्रेसवार्ता में आरोपी ने अपना जुर्म कबूला।
आरोपी ने प्रेसवार्ता में बताया था कि उसने युवती से दरिंदगी करने से पहले शराब पी थी। युवती के चीखने-चिल्लाने का उस पर कोई फर्क नहीं पड़ा। युवती उनकी करतूत परिजनों को बता देगी, इस डर के कारण दोनों ने मिलकर युवती के गर्दन दबोचकर उसकी ही चुन्नी से गला घोटकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी मेघदूत पुलिया के पास दर्शायी है। एसएसपी अखिलेश कुमार का कहना है कि पुलिस दूसरे आरोपी की तलाश कर रही है।
शव मिला, हरकत में आई पुलिस
परिवार खुद ही तीन दिन तक लापता बेटी को खोजता रहा। परिजन थाने के चक्कर काटते रहे। पुलिस कहती रही कि युवती खुद ही आ जाएगी। आरोपी लाखन को एक बार बुलाया पर बिना कुछ कहे सुने भेज भी दिया। शव मिलने पर पुलिस हरकत में आई। पीड़ित परिवार ने बताया कि इस घटना में पांच लोग शामिल थे। लेकिन पुलिस दो लोगों को ही वारदात में शामिल बता रही है।
28 अक्टूबर को देनी थी पीसीएस की परीक्षा
परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी दो बार संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा दे चुकी थी। अब 28 अक्टूबर को परीक्षा देनी थी। जिसकी वह तैयारी कर रही थी। छात्रा के कान में परेशानी थी, इलाज मूलचंद नर्सिंग होम में चल रहा था।
पहले पुलिस मामला दर्ज कराने आने वाले को टरकाने का ही काम करती है। बुधवार को युवती का भाई सिविल लाइन पुलिस के पास पहुंचा, अनहोनी की आशंका जतायी और साले पर शक भी जताया। यदि पुलिस उसी समय मामले को गंभीरता से लेती तो बुधवार रात को ही वारदात का खुलासा हो जाता। परिवार का कहना है कि पुलिस ने उनकी एक भी नहीं सुनी। आरोपी ने अगवा करने वाले दिन ही युवती की हत्या कर दी थी। पुलिस गंभीर हो जाती तो युवती का शव उसी दिन मिल जाता।
ये थी आरोपी से रिश्तेदारी
परिजनों के अनुसार आरोपी छात्रा के ताऊ के बेटे का साला है। उसका युवती के गांव में आना जाना रहता था। तीन सितंबर को जब वह गांव से मेरठ आ रहा था तो परिजनों ने छात्रा को भी उसके साथ भेज दिया था। जोगराज अपने एक रिश्तेदार को लेकर मूलचंद नर्सिंग होम आए। जहां युवती का नाम लिखा हुआ था। जिसे साबित हो गया कि युवती दवाई लेकर गई है।
दोनों गांव वापस पहुंचे तो एक युवक ने बताया कि युवती को ऑटो में लाखन के साथ जाती देखी है। दोनों ने लाखन को कॉल की, पर फोन नंबर स्वीच ऑफ मिला। दोनों परतापुर आए और लाखन को पकड़कर युवती के बारे में पूछा। लाखन ने कुछ नहीं बताया। जोगराज उसे सिविल लाइन थाने ले गया। पुलिस ने उसे रात में ही छोड़ दिया। बृहस्पतिवार को जोगराज ने एक रिश्तेदार के माध्यम से सरधना इंस्पेक्टर प्रशांत कपिल से संपर्क साधा। इंस्पेक्टर ने युवती के फोन की लोकेशन बिजली बंबा बाईपास पर बताई।
तीन अक्टूबर और दोपहर के 1:32 बजे थे युवती ने अपने भाई जोगराज को कॉल की। युवती बोल रही थी कि मुझे घर जाना है। इतना कहकर कॉल कट गई। जोगराज ने कई बार कॉल की, लेकिन फोन रिसीव नहीं हो पाया। बाद में फोन स्वीच ऑफ हो गया।
आरोपी पुलिस को सौंपा, खुद लाश भी ढूंढी, पुलिस को फोन कर बुलाया कि शव मिल गया
जोगराज ने बिजली बंबा बाईपास के आसपास युवती का फोटो लेकर उसे खोजना शुरू किया। एक युवक ने बताया कि दो बाइक पर पांच युवक थे। जिनके साथ इस युवती को देखा गया। इतना सुनते ही जोगराज और उसके परिजनों ने दोबारा से लाखन को उठा लिया। रात में लाखन को पुलिस को सौंप दिया।
शुक्रवार सुबह युवती का शव महरौली गांव के एक युवक ने ईख के खेत में देखा। पुलिस ने लाखन और मोनू का नाम प्रेसवार्ता में बताया हैं। जबकि जोगराज का कहना कि वारदात में पांच लोग शामिल थे। पुलिस तीन लोगों को क्यों बचा रही है।