मेरठ। जिला अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. हरपाल सिंह की हत्या के आरोपी अजय कुमार और राजेंद्र को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया गया। डॉ. हरपाल सिंह की हत्या 8 मार्च 2011 को हुई थी। उस समय वह जिला अस्पताल मेरठ में रेडियोलॉजिस्ट के पद पर कार्यरत थे।
घटना की प्राथमिकी डॉ. हरपाल सिंह के भतीजे अजय कुमार ने थाना मेडिकल में दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि डॉ. हरपाल सिंह जेल परिसर स्थित आवास से खाना खाकर घूमने निकले थे, तभी उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने विवेचना के बाद अजय और उसके साथी राजेंद्र के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
मृतक की पत्नी गविता ने बयान दिया था कि अजय कुमार उनका भतीजा है और 17-18 वर्षों से उनके साथ रह रहा था। उन्होंने बताया कि राजेंद्र ने उनके पति से 4 लाख रुपये उधार लिए थे और पैसा लौटाना नहीं चाहता था, इसलिए उसने अजय के साथ मिलकर हत्या की। अभियोजन पक्ष ने पत्नी सहित कुल 7 गवाह प्रस्तुत किए। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पाया कि पत्रावली पर ऐसा कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष, मौखिक अथवा दस्तावेजी साक्ष्य नहीं है, जिससे दोनों आरोपियों द्वारा डॉ. हरपाल सिंह की हत्या करना सिद्ध हो। साक्ष्य के अभाव में न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया।