मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने से गंगा का जलस्तर बढ़ा है। गंगा के तेज बहाव में नांगलसोती के गांव गौसपुर में गंगा ने भूकटाव शुरू कर दिया है। भूकटाव गांव की आबादी की ओर बढ़ रहा है और गंगा तट से गांव की दूरी मात्र 75 मीटर रह गई है। जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने गांव में अनाउंसमेंट कराकर ग्रामीणों को गंगा तट की ओर न जाने की हिदायत दी है।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से रविवार को गांव गौसपुर में कटान शुरू हो गया। सूचना पर तहसीलदार राधेश्याम शर्मा, डिप्टी कमीशनर जीएसटी नीरज सिंह ने राजस्व टीम के साथ गांव का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों को गंगा के किनारे नहीं जाने की हिदायत दी। गौसपुर के ग्रामीणों में कृषि भूमि के कटान को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी हैं।
भूकटाव से मात्र 75 मीटर दूर रहे गए घरों के स्वामियों लाल सिंह, राजपाल, सुभाष, तेजपाल, अरुण, हरपाल सिंह में दहशत का माहौल है। ग्राम प्रधान अनीता देवी, चरण सिंह, अवनीश कुमार, सुरेंद्र सिंह का कहना है कि कई बार प्रशासनिक अधिकारी गांव का दौरा कर चुके हैं, लेकिन अब तक कटान रोकने के लिए तटबंध नहीं बनाए गए, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गंगा में समा रही फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की है। उधर, सिचाईं विभाग के अधिकारी भी भूकटाव का दौरा करने गंगा घाट पर पहुंचे।
राजस्व टीम ने गांव में लगाया कैंप
प्रशासन ने गांव गौसपुर में बाढ़ चौकी बनाई है। लेखपाल मेघ सिंह, ललित कुमार, रामानंद ने गांव में कैंप लगाकर अनाउंसमेंट कराकर ग्रामीणों को गंगा की ओर न जाने की हिदायत दी है।
कोटावाली से भारी वाहनों के गुजरने पर रोक
भागूवाला। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने से कोटावाली नदी का जल स्तर बढ़ गया है। प्रशासन ने कोटावाली नदी से भारी वाहनों के गुजरने पर रोक लगा दी है। नदी के एक छोर पर पुलिस तैनात है और भारी वाहनों नदी के रपटे के रास्ते से जाने को रोक रही है। लेकिन कुछ भारी वाहनों के चालक जान जोखिम में डालकर नदी के रास्ते से वाहन को ले गए।