मेरठ के रोहटा रोड स्थित जैनपुर गांव के जंगल में मिले दोनों युवकों की हत्या का राज गहरा गया है। 24 घंटे बाद उनकी पहचान नहीं हो सकी। पुलिस ने आशंका जताई कि दोनों युवकों दूसरे जनपद के रहने वाले हैं। सोमवार को पुलिस ने मेरठ जोन के सभी जिलों से जानकारी जुटाई। वहीं पुलिस का कहना है कि दोनों युवकों के राजस्थान के होने का अंदेशा है, पुलिस की एक टीम को राजस्थान भेजा गया है।
जैनपुर गांव के जंगल में 100 मीटर की दूरी पर दो युवकों के शव रविवार सुबह मिले थे। दोनों के हाथों पर लालटू लिखा है। एक युवक के हाथ पर अधिकारी लिखा है। सोमवार को मेरठ जोन के आठ जनपद मेरठ, शामली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर और गाजियाबाद से पुलिस की रिपोर्ट आ गई।
रिपोर्ट में बताया है कि उनके यहां से कोई युवक लापता नहीं हुआ है, जिसके हाथ पर लालटू लिखा हो। पुलिस को आशंका है कि दोनों युवक दूसरे जनपद या दूसरे राज्यों के हो सकते हैं। पुलिस का कहना है कि पहचान के लिए सोशल मीडिया के ग्रुपों पर फोटो वायरल की गई हैं।
हत्या के बाद फेंके शव
फोरेंसिक एक्सपर्ट ने रिपोर्ट में बताया कि हत्या के बाद दोनों शव यहां फेंके गए हैं। घटनास्थल पर छीनाझपटी के कोई सुबूत नहीं मिले हैं। रोहटा रोड से जैनपुर गांव मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी पुलिस ने देखी है। संदिग्ध गाड़ी का पता लगाया जा रहा है।
दोनों युवकों की पहचान नहीं हुई है। उनके फोटो सोशल मीडिया और मेरठ जोन के सभी थानों में भेजे हैं। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि हत्या के बाद दोनों के शवों को यहां पर फेंका गया है। -
प्रभाकर चौधरी, एसएसपी