मेरठ में ढबाई नगर के दोहरे हत्याकांड में जेल में बंद कुख्यात भाइयों ने एक तीर से दो निशाने साधे हैं। अपनी दूध की डेयरी चलवाने की समस्या का हल हो गया और दुश्मन हत्या के केस में नामजद हो गए। लेकिन खुलासा करने का दावा करने वाली पुलिस दोनों कुख्यातों से उनके शूटरों का नाम नहीं उगलवा सकी।
एसएसपी मंजिल सैनी के मुताबिक ढबाई नगर में बीती दो नवंबर की शाम सलीम व शम्मी की हत्या सारिक व फाईक के शूटरों ने की थी। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि सलीम के एक महिला से संबंध थे। महिला के भाई ने इन दोनों भाईयों से जेल में मुलाकात की। जिस पर दोनों ने हत्या कराकर मुकदमा अपने दुश्मन सलमान और उसके परिवार पर दर्ज करवा दिया। मुकदमा भी सारिक के भाई वामिक की तरफ से लिखा गया। पुलिस चार दिन से लगातार जिला जेल में सारिक और फाईक से पूछताछ कर खाली हाथ लौट जाती है। पुलिस का कहना है कि दोनों भाई शातिर अपराधी हैं। दोनों एक भी शूटर का नाम-पता बताने को तैयार नहीं हैं। शूटरों की कोई जानकारी दोनों भाइयों के अलावा कोई नहीं जानता।
जाने आलम समेत पांच पकड़े
पुलिस ने दोहरे हत्याकांड में जाने आलम सहित पांच संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया हुआ है। सारिक व फाईक से जुडे़ कई लोगों से पुलिस पूछताछ कर चुकी है। दावा है कि सारिक से जुड़े लोगों ने भी बताया कि यह हत्याकांड सारिक व फाईक की साजिश से हुआ है। हालांकि दोनों भाईयों ने यह जुर्म कबूल नहीं किया है।
नामजद पकड़े नहीं, थ्योरी बदल गई
इस मामले में सलमान का भाई आमिर, आसिफ व उसके पिता निजामुद्दीन समेत सात लोग नामजद हैं। इन नामजद आरोपियों पर पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस एक भी आरोपी गिरफ्तार नहीं कर सकी है। लेकिन थ्योरी जरूर बदल दी है। पुलिस की जांच भी संदेह के घेरे में है। चर्चा है कि पुलिस नामजद व शूटरों को नहीं पकड़ सकी तो मामला दूसरी तरफ घुमाना चाहती है।
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