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बिजनौर में कुत्तों का आतंक जारी, अब एक गाय को मार डाला, एसडीएम ने तहसीलदार को सौंपी जांच

Sun, 30 Jun 2019 06:36 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
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हिंसक कुत्ते
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बिजनौर जनपद के गोसंरक्षण केंद्र भागूवाला में हिंसक कुत्तों ने एक गाय को मार डाला। कई दिनों तक कांजीहाउस में पडे़ रहने के बाद मृत गाय के शरीर से दुर्गंध उठने लगी। ग्रामीणों ने मामले की जानकारी एसडीएम को दी, तो मामले का खुलासा हुआ। इस दौरान कांजीहाउस में तैनात कर्मचारी भी गायब रहा। गाय के शरीर पर कुत्तों के काटने के गहरे जख्म पाए गए हैं। एसडीएम ने पूरे मामले की जांच तहसीलदार को सौंपी है।

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भागूवाला में गोसंरक्षण केंद्र जिला पंचायत के अधीन चलता है। जनवरी 2019 में गोसंरक्षण केंद्र पर 11 गोवंश लाए गए थे। यहां एक कर्मचारी गायों की देखभाल के लिए तैनात है। लेकिन कर्मचारी कई कई दिनों तक गोसंरक्षण केंद्र से गायब रहता है। कर्मचारी की लापरवाही से हिंसक कुत्ते गोसंरक्षण केंद्र के अंदर घुस जाते हैं। आसपास के लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार कुत्तों को कांजीहाउस के अंदर से आते हुए देखा। कर्मचारी की गैरमौजूदगी में ही कुत्तों ने गाय को मार डाला। कई दिन तक मृत गाय अंदर ही पड़ी रही और कर्मचारी ने वहां जाकर नहीं देखा। दुर्गंध फैलने लगी तो क्षेत्रीय ग्रामीणों ने एसडीएम उमेश कुमार मिश्र को गोवंश के मरने की खबर दी। 

वहीं एसडीएम ने पशु चिकित्सक डॉ. कर्मवीरराज सिंह को मृत गोवंश का पोस्टमार्टम करने के निर्देश दिए। साथ ही एसडीएम ने तहसीलदार राधेश्याम शर्मा को मामले की जांच सौंपी है। एसडीएम ने बताया कि जिला पंचायत के अधीन चलने वाला गोसंरक्षण केंद्र कांजीहाउस के रूप में है। इसमें आवारा घूमने वाले पशुओं को रखा जाता है। एसडीएम ने यह भी बताया कि जिला पंचायत और संबंधित कर्मचारी से जवाब तलब किया है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रथम दृष्टया में उन्हें जानकारी मिली है कि जो गोवंश मृत मिला है, वह घायल अवस्था में कांजीहाउस आया था।

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पशुओं के चारे के लिए मिलते हैं मात्र 30 रुपये
भागूवाला का गोसंरक्षण केंद्र को जिला पंचायत बिजनौर ने दिसंबर 2018 में अपने कब्जे में लिया था। जिला पंचायत का दावा था कि क्षेत्र के भूमाफिया इस भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करना चाहते थे। भूमि को कब्जामुक्त कराकर जिला पंचायत ने गोसंरक्षण केंद्र शुरू किया था। भागूवाला के गोवंश केंद्र पर तैनात कर्मचारी रवि ने बताया कि गोवंश के खाने के लिए प्रति पशु 30 रुपए प्रतिदिन खर्च मिलता है। इतनी कम धनराशि में पशुओं को भरपेट चारा दे पाना मुश्किल होता है। कर्मचारी ने काफी समय तक पारिश्रमिक न मिलने और पशुओं के लिए चारे की धनराशि मिलने में विलंब होने से अपने पास से व्यवस्था जुटाने की बात कही।

गोवंशों की स्थिति दयनीय
भागूवाला गोसंरक्षण केंद्र पर गोवंशों को पर्याप्त चारा, पानी और इलाज न मिलने से गोवंशों की स्थिति काफी दयनीय है। गोवंश की देखभाल के लिए एक कर्मचारी तैनात है, वह भी अक्सर नदारद रहता है। इससे गोवंश भूखे-प्यासे रहते हैं।

पॉलिथीन बनती है पशुओं की मौत का कारण
भागूवाला के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. कर्मवीर राज सिंह ने एसडीएम को बताया कि गोसंरक्षण केंद्र में आवारा पशु रखे जाते हैं। अधिकांश पशु पॉलिथीन आदि खाने से गंभीर रूप से बीमार हो जाते हैं, जिसके कारण उनकी मौत होती है।

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