गर्भ में पल रहा शिशु पूरी तरह सुरक्षित
परिजन पहले ऑपरेशन कराने से इंकार कर रहे थे, बाद में चिकित्सकों द्वारा उन्हें समझाया गया, जिसके बाद घरवाले ऑपरेशन के लिए तैयार हुए। डॉ. विनोदा ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान महिला के गर्भ से दो किलो की रसौली निकाली गई।
वहीं चिकित्सकों के अनुसार गर्भ में पल रहा शिशु पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि अमूमन 35 से 40 वर्ष की आयु में महिलाओं में इस तरह की समस्या होती है। ऐसे रोगियों में खून की कमी, सांस फूलना, भूख न लगना और वजन कम होना आदि लक्षण दिखते हैं।