डौला गांव की प्रसूता शायरा ने दिया बेटी को जन्म
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आमजन तक बेहतर सेवाएं पहुंचाने का दावा करने वाले स्वास्थ्य विभाग की पोल फिर से खुल गई। प्रसव के लिए पहुंची महिला को सामान्य प्रसव से इनकार कर दिया गया। इसके बाद हेपेटाइटिस बी बताते हुए मेरठ के लिए रेफर किया गया।
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परिजन महिला को ले जाने लगे तभी अस्पताल परिसर में ही महिला को प्रसव पीड़ा हुई और उसने खुले में बच्ची को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि प्रसव की सूचना देने के बावजूद डॉक्टर और नर्स महिला का हाल जानने तक मौके पर नहीं पहुंचे।
डौला गांव निवासी मेहरदीन ने बताया कि अपनी पत्नी शायरा (45) को प्रसव पीड़ा होने पर परिवार के अन्य लोगों के साथ लेकर रात करीब आठ बजे महिला अस्पताल पहुंचा। यहां मौजूद स्टाफ ने नार्मल डिलीवरी से इनकार कर दिया। यही नहीं महिला को हेपेटाइटिस बी बताते हुए मेरठ के लिए रेफर कर दिया। परिजन प्रसूता को महिला अस्पताल के बाहर चंद कदम ही चले थे कि प्रसव पीड़ा हुई और अस्पताल परिसर में ही शायरा ने बेटी को जन्म दिया।
डौला के ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बाद साथ आए लोग अस्पताल पहुंचे और स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ को मौके पर जाकर जांच करने के लिए कहा। लेकिन स्टाफ ने मौके पर जाने से इंकार कर दिया। इस पर नाराज परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। काफी देर तक यहां हंगामे की स्थिति रही।
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उन्होंने डायल 100 पुलिस को भी सूचना दी। पुलिस ने पहुंचकर जानकारी ली। कुछ देर तक लोगों ने हंगामा भी किया। स्वास्थ्य विभाग के रवैये से परिजन काफी नाराज रहे। बाद में परिजन महिला को लेकर नर्सिंग होम चले गए। वहीं, सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा का कहना है कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है। पता करके इसकी जांच कराई जाएगी।