पांच नवंबर को डॉ. गंगा सिंह ने एडीजी प्रशांत कुमार से शिकायत कर पूरा मामला संपत्ति से जुड़ा बताया। डॉ. गंगा सिंह ने बताया कि वे गंगा प्लाजा के पास रहती हैं। साल 2011 में पढ़ाई के लिए विदेश गईं थीं। जमीन पर खेती और देखरेख के लिए मां संतोष सिंह के पक्ष में 5 अगस्त 2011 को पावर ऑफ अटार्नी की थी।
आरोप है कि तीन साल पहले उन्हें जानकारी हुई कि मां की संपत्ति कब्जाने की कोशिश की जा रही है। दिसंबर 2016 को डॉ. गंगा सिंह ने नोटिस देकर पॉवर ऑफ अटॉर्नी को खत्म करा दिया। डॉ. गंगा सिंह का आरोप था कि उनकी मां संतोष सिंह सिंह ने धोखाधड़ी से इस जमीन का बैनामा अपने भतीजे डॉ. प्रताप के नाम कर दिया। 24 अप्रैल 2019 को डॉ. प्रताप पर व्हाट्स एप पर धमकी देने का आरोप लगाया था।
एसएसपी ने पूरे मामले में जांच के निर्देश दिए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डॉ. गंगा की तहरीर पर उनकी मां संतोष और चचेरे भाई डॉ. प्रताप पर धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया है।