डॉक्टर अपहरण कांड में गिरफ्तार बदमाशों ने खुलासा किया है कि पांच करोड़ की फिरौती वसूलने के बाद सुशील व अनुज मिलकर खुद का गैंग बनाना चाहते थे। गैंग में कुछ और लड़कों को शामिल करने के लिए सुशील ने अपने बुआ के लड़के प्रमोद से कहा हुआ था। सुशील जबरन वसूली और अगवा कर फिरौती कर गैंगस्टर बनना चाहता था। लेकिन दिल्ली पुलिस की सूझबूझ से बदमाशों की योजना धरी की धरी रह गई। फिलहाल दोनों मुख्य आरोपी समेत चारों आरोपी सुशील, अनुज, गौरव और विवेक उर्फ मोदी अभी फरार हैं। इनकी तलाश में दिल्ली, यूपी, उत्तराखंड और हरियाणा में छापेमारी की जा रही है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुशील व बाकी आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए मोबाइल फोन का प्रयोग बंद कर दिया है। सर्विलांस सिस्टम फेल होने पर पुलिस खुफिया तंत्र का सहारा ले रही है। बुधवार जिस दिन पुलिस ने डॉ. श्रीकांत को मुक्त कराया था, उस दिन देर रात को भी बदमाश खतौली में पुलिस को चकमा देकर फरार होने में कामयाब हो गए थे। दरअसल श्रीकांत को मुक्त कराने के बाद रात में बदमाशों ने श्रीकांत के मोबाइल फोन से ही ओला के कॉल सेंटर में कॉल कर दोबारा फिरौती की रकम मांगी थी।