नेताजी सुभाष चंद्र बोस
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रेलवे स्टेशन पर उस समय हजारों की भीड़ एकत्र हो चुकी थी। मेरठ कॉलेज के छात्रों ने भी हिस्सा लिया। बग्घी के आगे चलने के लिए ढोल नगाड़ों के साथ बैंड भी था। रेलवे स्टेशन पर नेताजी का पूरे जोश के साथ स्वागत कर सजी हुई बग्घी में बैठाया गया। आगे नेताजी की बग्घी थी और पीछे-पीछे हजारों का कारवां। उन्हें टाऊन हॉल में लाया गया, जहां हजारों लोगों को संबोधित कर नेताजी ने आजादी के लिए चिंगारी पैदा की थी। नेताजी की यादें आज भी यहां की फिजाओं में हैं। शहर का प्रमुख स्मारक घंटाघर द्वार नेताजी के नाम पर है। वहीं, चौधरी चरण सिंह विवि कैंपस में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर प्रेक्षागृह भी है।