उन्होंने कहा कि दिल्ली की केजरीवाल सरकार और प्रशासन मरकज की जिम्मेदारी द्वारा बार बार सूचना देने के बाद भी चुप रहा। साजिश के तहत मरकज को टारगेट किया जा रहा है। ऐसे नाजुक वक्त में जरुरत है कि हिंदू-मुस्लिम की मदद करे और मुस्लिम हिंदू की मदद करे।
तंजीम अबना-ए-दारुल उलूम के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना याद इलाही कासमी का कहना है कि वर्ग विशेष को निशाना बनाने के बजाए सामूहिक रुप से आपदा का मुकाबला किया जाना बेहद जरुरी है।
लॉकडाउन लागू होने के बाद जिस तरह लोग धर्म और जाप पात से ऊपर उठकर एक दूसरे की मदद कर रहे थे उससे लगा था कि पिछले बातें सभी खत्म हो गई और देश आगे बढ रहा है। लेकिन मरकज को लेकर फिर से गंदी राजनीति शुरु कर दी गई। जो बहुत ही अफसोसजनक है। मुफ्ती याद इलाही ने सभी अपील करते हुए कहा कि इंसानियत के धर्म को याद रखें और मदद के लिए आगे बढ़ें।