इन लोगों ने इसके बाद मोहल्ले में बिरादरी की पंचायत बुलाई और अमरीन की हत्या के मामले में फैसला करने का दबाव बनाया। कहा कि फैसला न करने पर शव को बिरादरी के कब्रिस्तान में दफनाने नहीं देंगे। उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया तो पंचायत में उनका हुक्का पानी बंद करने का फरमान सुना दिया गया। उनसे मतलब रखने वालों पर भी जुर्माना लगाने का एलान किया है।
पंचायत करने वाले आरोपियों में से असगर, टिम्मा, यूसुफ, अख्तर, अकबर व असलम अमरीन के पति के सगे मामा हैं। वे भी अमरीन की हत्या के मामले में नाजायज फैसला करने का दबाव बना रहे हैं। अमरीन के शव का शनिवार को पोस्टमार्टम हुआ है। अभी तक शव जिला अस्पताल में ही है। अफसरी ने इस मामले में पुलिस बल देकर अमरीन के शव का दफीना कराने की गुहार की है। पुलिस ने इस संबंध में दोनों पक्षों की बैठक थाने में बुलाई है।
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