फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डरने के बजाय हिम्मत से लें काम

विज्ञापन
द एवेन्यू पब्लिक स्कूल में अपराजिता कार्यक्रम में आत्मरक्षा के गुर सीखतीं छात्राएं।
विज्ञापन
अमर उजाला अपराजिता के तहत द एवेन्यू पब्लिक स्कूल में लगा कराटे शिविर
विज्ञापन

गंगानगर। स्कूल या ट्यूशन जाते समय अगर कोई शोहदा छेड़छाड़ या अभद्रता करने को कोशिश करे तो घबराए नहीं। अपने पास मौजूद पैन, मोबाइल या अन्य किसी भी चीज को हथियार बनाकर आरोपी पर जोरदार प्रहार करें। गाल पर थप्पड़ मारने के बाद मदद के लिए पुकार लगाएं। यह बातें अमर उजाला द्वारा मंगलवार को गंगानगर स्थित द एवेन्यू पब्लिक स्कूल में आयोजित सेल्फ डिफेंस कार्यक्रम में बताई गईं। अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत सेल्फ डिफेंस शिविर लगाया गया।
विशेषकर छात्राओं के लिए जारी इस पहल में आत्मसुरक्षा व शरारती तत्वों को मुंहतोड़ जवाब देने के तरीके बताए गए। स्कूल प्रधानाचार्य मनीष एम सैनी व संस्थापक आरके सैनी ने शुभारंभ किया। जूडो प्रशिक्षक सिराज अहमद व उनकी टीम ने डेमो के जरिये छेड़छाड़ कर रहे युवक पर पैन से हमला करने का तरीका बताया। इसके बाद हेयरबैंड, पानी की बोतल, मोबाइल, हेयर क्लिप, बैग, रजिस्टर, दुपट्टा के उपयोग के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि आप कभी भी निहत्थे नहीं होते, छात्राएं अपने पास मौजूद हर चीज को हथियार बनाकर अपना बचाव कर सकती हैं। ज्योमेट्री बाक्स की मदद से भी आरोपी को लहूलुहान कर भगाया जा सकता है। सभी गतिविधियों का डेमो भी दिखाया। सैकड़ों छात्राओं ने इनका अभ्यास भी किया। अंत में सभी शिक्षकों व छात्राओं ने नारी गरिमा को बनाए रखने व महिला सुरक्षा के प्रति सजग रहने की शपथ ली। इस दौरान प्रबंधक सीमा शर्मा, योगिता तोमर, दिशा भारद्वाज, सोनाली गुप्ता, प्रथम यादव, प्रियांशु शर्मा, आदित्य तोमर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ा
इस कार्यक्रम के बाद सभी छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। डरने के बजाय हिम्मत के साथ शरारती तत्वों का मुकाबला करेंगे। - तनिशा शर्मा
काफी कुछ सीखने को मिला
डेमो देखने के बाद काफी कुछ सीखने को मिला है। छात्राएं बहुत हद तक अपनी सुरक्षा खुद कर सकती हैं। सुरक्षा के लिए दूसरों पर निर्भर रहने की जरूरत नही है। - प्रियांशी वर्मा
शरारती तत्वों को खदेड़ने में सक्षम
कार्यक्रम में सिखाए गए तरीकों की मदद से छात्राएं शरारती तत्वों को खदेड़ने में सक्षम बन सकेंगी। आरोपी को सबक सिखाना जरूरी होता है। - प्रतिभा अधाना
उपयोग करना नहीं आता था
कार्यक्रम से पहले मुझे पैन, रुमाल, दुपट्टा आदि चीजों को हथियार की तरह उपयोग करना नहीं आता था, लेकिन अब इनका अच्छे से इस्तेमाल कर सकती हूं। - सुहानी
छेड़छाड़ पर चुप नहीं रहें
महिलाओं को छेड़छाड़ की घटनाओं पर चुप नहीं रहना चाहिए। आरोपियों पर भरपूर प्रहार करने का प्रयास करना चाहिए। चुप रहने से शोहदों के हौसले बढ़ते हैं। वर्षा तोमर
विज्ञापन

परिवार के सदस्यों को भी सिखाउंगी
कार्यक्रम में सिखाए गए तरीकों को वह घर के अन्य सदस्यों को भी सिखाएंगी। ताकि प्रत्येक छात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। सभी निडर हो सकेंगे।- छवि खन्ना
समूह से लड़ने के तरीके भी बताए
कार्यक्रम में युवकों के समूह से खुद को बचाने व प्रहार करने के तरीके भी बताए गए। महज पैन की मदद से भी मनचले युवकों को भगाया जा सकता है। राधिका शर्मा
बढ़ रही है जागरुकता
इस तरह के कार्यक्रमों के जरिए लोग महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक हो रहे हैं। महिलाओं के प्रति लोगों की सोच धीरे-धीरे बदल रही है। - सिमरन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें