बेटी के तलाक पर पिता का जश्न
- फोटो : अमर उजाला
मेजर गौरव अग्निहोत्री इस समय जालंधर कैटोनमेंट में तैनात हैं। मेजर के पिता रिटायर्ड सूबेदार श्याम किशोर अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि कोर्ट में दोनों पक्षों के बीच एक समझौता हुआ था कि कोई भी पक्ष एक-दूसरे की छवि खराब नहीं करेगा। उनका कहना है कि तलाक के बाद जश्न मनाने और मीडिया में बयान देने से इस समझौते का उल्लंघन हुआ है।
परिवार का यह भी कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम से उनका बेटा गहरे सदमे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि पोते का मुंडन भी बिना जानकारी दिए कर दिया गया, जिससे विवाद और बढ़ गया। मेजर की मां अनिता अग्निहोत्री ने भी मायके पक्ष पर परिवार तोड़ने का आरोप लगाया।
वहीं दूसरी ओर प्रणिता के पिता और सेवानिवृत्त जज ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने इन आरोपों का खंडन किया। उनका कहना है कि उनकी बेटी ने सात साल तक मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेली और जब हालात नहीं सुधरे तो उसने कानूनी रास्ता अपनाया।
बेटी के तलाक पर पिता का जश्न
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प्रणिता शर्मा का कहना है कि महिलाएं किसी भी प्रकार की प्रताड़ना को चुपचाप सहने के बजाय अपने अधिकारों के लिए खड़ी हों। उन्होंने कहा कि सात साल तक दर्द सहने के बाद अब उन्होंने अपने लिए जीने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि प्रणिता मेरठ में एक ज्यूडिशियल अकादमी से भी जुड़ी हुई हैं।
यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है और लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।