संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। एएस डिग्री कॉलेज की प्रबंध समिति के चुनाव विवाद मामले में मंडलायुक्त की अदालत ने उप जिलाधिकारी/विहित प्राधिकारी द्वारा पूर्व में पारित आदेश को त्रुटिपूर्ण मानते हुए निरस्त करते हुए प्रस्तुत अपील को स्वीकार कर लिया है।
एएस डिग्री कॉलेज एसोसिएशन की प्रबंध समिति के चुनाव और उसके पंजीकरण से जुड़ा है। अपीलार्थी पक्ष ने तर्क दिया था कि वर्ष 2025 में हुआ कथित चुनाव पूरी तरह से नियमों के विरुद्ध, मनमाने ढंग और विश्वविद्यालय की गाइडलाइंस का उल्लंघन करके संपन्न कराया गया था। इसमें चुनाव अधिकारी की नियुक्ति से लेकर मतदान स्थल में बिना पूर्व सूचना के परिवर्तन (कॉलेज प्रांगण के स्थान पर मुख्य द्वार पर टेंट लगाकर) जैसी गंभीर अनियमितताएं बरती गई थीं।
इस मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और दोनों पक्षों की बहसों का गहन अनुशीलन करने के बाद न्यायालय ने पाया कि निचली अदालत (विहित प्राधिकारी मवाना) ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों और विधिक प्रक्रियाओं की अनदेखी करते हुए आदेश पारित किया था। अदालत ने अपने अंतिम आदेश में स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय द्वारा पर्यवेक्षक नियुक्त किए बिना और नियमों का पालन किए बिना कराई गई संपूर्ण प्रक्रिया दोषपूर्ण थी। इस आधार पर मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने उप जिलाधिकारी मवाना के आदेश को निरस्त करते हुए पत्रावली को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के लिए वापस भेजने के निर्देश दिए हैं।