मेरठ। प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा ने जिला अस्पताल का 26 मिनट में निरीक्षण किया। इस दौरान कई खामियां मिलीं। आसिफा, शहनवाज, अजहर समेत कई मरीजों ने उपचार न मिलने और अस्पताल से भगाने की शिकायत की। अस्पताल के रसोईघर में स्टॉक रजिस्टर भी नहीं रखा जा रहा था। मंत्री रसोई में पहुंचे जहां मरीजों के लिए खाना तैयार होता है। महिला कर्मचारी प्रीति ने पूछने पर बताया कि यहां स्टाफ में चार लोग हैं। कितने लोगों का खाना बनता है, यह नहीं पता। जबकि करीब दो हजार रोटियां बनती हैं। लेकिन कोई अधिकारी या कर्मचारी यह नहीं बता सका कि खाने का कितना सामान रसोई में दिया जाता है। मंत्री ने प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीके बंसल को हिदायत दी कि खाने का पूरा हिसाब-किताब रखें। वहां से बाहर निकले तो रसोई के बराबर में काफी गंदगी थी। यह देखकर उनकी नाराजगी और बढ़ गई। उन्होंने निरीक्षण के बाद कहा कि अस्पताल में अव्यवस्था हैं, काफी सुधार की जरूरत है। दोपहर 2:54 बजे पहुंचे मंत्री 3:20 बजे अस्पताल से निकल गए।
भतीजे का देहांत, नहीं मिली छुट्टी
प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीके बंसल ने बताया कि उनके भतीजे का गाजियाबाद में देहांत हो गया है। उन्होंने प्रभारी मंत्री के पीए, जिलाधिकारी, सीडीओ और सीएमओ को भी इससे अवगत कराया और छुट्टी की दरखास्त की। लेकिन उन्हें छुट्टी नहीं मिल सकी। परिवार में गमी के बावजूद उन्हें निरीक्षण में शामिल होना पड़ा। वह बहुत परेशान हैं और अपने आपको असहाय महसूस कर रहे हैं।