इस 500 मिलियन डॉलर के ऋण का उपयोग दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के ट्रैक के विद्युतीकरण, मल्टीमॉडल हब और स्टेशन के निर्माण पर किया जाएगा। जिसका डिजाइन वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगजनों के अनुकूल होगा। दिल्ली से मेरठ तक 2025 में रैपिड रेल का संचालन शुरू होगा।
ये मिलेंगी सुविधाएं
रैपिड रेल चलने के बाद दिल्ली से मेरठ की दूरी एक घंटे से भी कम समय में पूरी होगी। धरातल पर प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। मेरठ के शताब्दीनगर से साहिबाबाद तक पिलर निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है।
180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली रैपिड रेल में कई तकनीक पहली बार देश में उपयोग की जाएंगी। इसमें रैपिड रेल कोच का निर्माण गुजरात के सावली में मेक इन इंडिया पहल के तहत किया जा रहा है।
25 बिजली हाईटेंशन लाइनें स्थानांतरित
एनसीआरटीसी ने मोदीपुरम में बनाए जाने वाले डिपो के पास 220 केवी की सिंगल सर्किट बिजली की हाईटेंशन लाइन के स्थानांतरण का कार्य पूर लिया है। कार्य में बाधा बन रही कुल 25 हाईटेंशन लाइनों को अभी तक स्थानांतरित कर लिया गया है।