छात्रवृत्ति और प्रतिपूर्ति शुल्क के गड़बड़झाले को चेक करने के लिए सोमवार को 34 अधिकारियों की टीम निकली तो बड़ा खेल सामने आया है। कहीं छात्र नहीं मिले, तो कहीं हाजिरी दर्ज मिली। बड़ा खुलासा दयानंद कालेज श्यौलदा में हुआ जहां छात्र तो नहीं मिले, पर करीब 300 छात्रों की बैंक पासबुक मिलीं। इन खातों में लगभग एक करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति शुल्क का लेनदेन होना था। सीडीओ ने कालेज प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
प्रतिपूर्ति शुल्क तथा छात्रवृत्ति में लगातार गड़बड़झाले की सूचनाएं सामने आ रही हैं। जिस पर जिलाधिकारी बी. चंद्रकला ने सीडीओ विशाख जी. को एक्शन लेने के निर्देश दिए। सोमवार को सीडीओ ने 34 अधिकारियों की टीमों को 34 कालेजों में प्रतिपूर्ति शुल्क एवं छात्रवृत्ति की जांच करने भेजा। टीम में सभी अपर जिलाधिकारी (एडीएम), अपर नगर मजिस्ट्रेट (एसीएम), एसडीएम, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट तथा जिला स्तरीय अधिकारी लगाए गए। कई कालेजों में गड़बड़झाला सामने आया। ज्यादातर में उपस्थिति कम ही मिली। दस से पचास प्रतिशत तक ही छात्र मौजूद मिले।
दयानंद कॉलेज में मिला भारी गड़बड़झाला
सीडीओ के मुताबिक ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अरविंद सिंह दयानंद विद्यापीठ कालेज ऑफ लॉ गढ़ रोड श्यौलदा पहुंचे, तो यहां भारी गड़बड़झाला सामने आया। छात्र तो यहां नाममात्र के ही मौजूद थे। लेकिन करीब तीन सौ पास बुक बरामद की गई। ये बैंक पासबुक यहां पढ़ने वाले छात्रों की थीं। छात्रों की हाजिरी रजिस्टर तक पर भी नहीं थी और अन्य दस्तावेज भी नहीं थे। नियमानुसार यह पासबुक छात्र के पास होनी चाहिए। शासन से सीधा छात्र के खाते में प्रतिपूर्ति शुल्क भेजा जाता है। छात्र अपने खाते से इस रकम को निकालकर कालेज के खाते में फीस जमा कर देते हैं। कालेज में इन सभी की पास बुक का मिलना बड़े गड़बड़झाले की तरफ इशारा कर रहा है। लगभग एक करोड़ रुपये शुल्क का लेनदेन इन खातों पर बनता है। मार्च में यह पैसा इन खातों में आना था। सभी पासबुक जब्त कर ली गई हैं।
मुकदमे के निर्देश दिए
सीडीओ ने जिला समाज कल्याण अधिकारी उमेश द्विवेदी को निर्देश दिए हैं कि तत्काल इस कॉलेज के प्रबंधक पर मुकदमा दर्ज कराया जाए। उन्होंने कहा कि अभी अन्य कालेजों की भी जांच चल रही है। मंगलवार तक अन्य कॉलेेजों की रिपोर्ट भी फाइनल कर डीएम को प्रेषित कर दी जाएगी। भारी गड़बड़ी मिल रही है। जिला समाज कल्याण अधिकारी के मुताबिक मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।