किराए का मकान दिखाते हैं आरोपी
एएसपी कैंट ने बताया कि गरीब लोगों के कागजात बहाने से लेकर किराए का मकान दिखाते हैं, ताकि बैंक जांच करे तो किराए के मकान पर आकर देख सकते हैं। जिनकी आईडी लगाते हैं उन्हें मूलरूप से बाहर के रहने वाले दिखाते हैं। डाउन पेमेंट आरोपी खुद जमा कर देते थे और बैंक से लोन स्वीकृत करा लेते हैं।
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...तो क्या सोतीगंज में हो रहा कटान
पुलिस के खुलासे से यह तो स्पष्ट हो गया कि सोतीगंज में अब भी चोरी छिपे वाहनों का कटान किया जा रहा है। ताहिर और शाहिद इन वाहनों का कटान करते थे। माना जा रहा है कि सोतीगंज में ही वाहनों का कटान किया जाता था। इतना ही नहीं, जिस कार की डिमांड ज्यादा होती थी तो उन वाहनों को फर्जी कागजात बनाकर नोएडा, दिल्ली, गुडगांव, हिमाचल और उत्तराखंड में बेच दिया करते थे।