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योगी सरकार में हुआ खुलासा, इस योजना में हुआ था भ्रष्टाचार, 84 नामजद

Thu, 18 Jan 2018 12:59 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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सीएम योगी आदित्यनाथ
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विजिलेंस विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि तहसील से फर्जी आय प्रमाण पत्र बनाकर कन्या विद्या धन योजना में लाखों रुपये का गबन किया गया। आठ साल चली जांच के बाद इस भ्रष्टाचार में मेरठ सदर, सरधना और मवाना तहसील के 84 लोगों के खिलाफ विजिलेंस की तरफ से बुधवार को मुकदमा दर्ज कराया गया है। 

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एसएसपी मंजिल सैनी के मुताबिक विजिलेंस अधिकारियों ने इन तीनों तहसीलों के तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों, लेखपालों और कानूनगो समेत 84 लोगों के खिलाफ जांच रिपोर्ट सौंपी है। आरोप है कि कन्या धन योजना के तहत इन अधिकारियों ने लाखों रुपये का गबन किया है। करीब आठ साल से शासन स्तर पर इसकी जांच चल रही थी। पिछले वर्ष ही शासन से विजिलेंस विभाग मेरठ सेक्टर को विवेचना सौंपी गई थी। विजिलेंस के विवेचक इंस्पेक्टर करन सिंह चौहान की जांच रिपोर्ट के आधार पर देहली गेट थाने में अभियोग पंजीकृत कराया गया है।
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यह था मामला 
इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्राओं को आठ जून 2009 में प्रदेश सरकार से कन्या धन योजना में धन दिया गया था। छात्राओं के परिजनों की वार्षिक आय के आधार पर आय प्रमाणपत्र मांगे गए थे। जिसमें तहसील से फर्जी आय प्रमाण पत्र जारी किए गए। शिकायत पर शासन ने गोपनीय जांच शुरू कराई थी। इस गड़बड़झाले की आठ साल से जांच चल रही थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। योगी सरकार में जांच ने तेजी पकड़ी।

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