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राजनीतिक रोटी सेकने के लिए किया जा रहा दिशा विहीन: सुनील शर्मा

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अमर उजाला....सुभारती यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम में अंतर्जातीय विवाहित दम्पत्तियों और  अभ
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मेरठ। सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने और सामाजिक विभाजन को रोकने के उद्देश्य से सनातन संगम न्यास, एसवीएसयू इकाई, स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय द्वारा कार्यक्रम हुआ। मुख्य अतिथि प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स मंत्री सुनील शर्मा ने कहा कि राजनीतिक रोटी सेकने के लिए कुछ लोग भारतीय संस्कृति के मूल विचारों को जातियों में बांट रहे हैं। दशकों पूर्व भी बांटने का यह कार्य हुआ। ऐसे में विदेशी आक्रांताओं ने हमें दिशा विहीन कर दिया। सनातन धर्म हमें अपनी बात कहने की स्वतंत्रता देता है। कुरीतियों से दूर रहकर हमें धर्म के मूल भाव को समझना चाहिए।
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मंत्री सुनील शर्मा, सुभारती समूह संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण, कवि डॉ. हरिओम पंवार, भाजपा नेता विनीत शारदा, डॉ. शल्या राज, डॉ. प्रदीप राघव ने दीप प्रज्ज्वलन किया। सनातन संगम न्यास व सुभारती समूह के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण ने कहा कि यह कार्यक्रम सुभारती समूह के संकाय सदस्यों को सम्मानित करने का है जिन्होंने अंतरजातीय, अंतर धार्मिक विवाहों को अपनाकर जाति विहीन समाज के संदेश का सक्रिय रूप से प्रचार किया है। यह पहल वसुधैव कुटुंबकम को बढ़ावा देती है। उन्होंने कहा कि यह एक कटु सत्य है कि समाज में एक वर्ग के द्वारा दूसरे वर्ग के साथ भेदभाव किया गया व अमानवीय व्यवहार था। अब हमें सामाजिक समरस्ता की ओर आगे बढ़ते हुए सभी वर्ग को साथ लेकर चलना है। इसपर सुभारती आरंभ से ही से ही पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य कर रहा है।



भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा ने कहा कि सनातन संगम न्यास द्वारा की गई यह शुरुआत सभी के लिए प्रेरणा है। यह सर्व समाज को दशा और दिशा प्रदान कर प्रधानमंत्री और सीएम के लक्ष्य भारत को विश्व स्तर पर पहुंचाने में सहयोगी होगी। सुभारती के महानिदेशक डॉ. जीके थपलियाल ने कहा कि भारत में सदा से अंतर जातीय विवाह मान्य थे। विश्व गुरु बनने के लिए युवाओं को महाभारत और रामायण से प्रेरणा लेनी होगी। हमें गर्व है सुभारती परिवार ने एतिहासिक पहल की है।
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सनातन संगम न्यास के मेरठ इकाई अध्यक्ष डॉ. प्रदीप राघव ने सनातन संगम न्यास का परिचय दिया। कार्यक्रम में सामाजिक परिवर्तन के मार्गदर्शक सम्मान, सामाजिक एकीकरण उत्कृष्टता सम्मान व मधुहरे सम्मान दिया गया। 21 जोड़ों को जिनमें अधिकांश सुभारती समूह के संकाय सदस्यों जैसे कि डॉ. शल्या राज-डॉ. रोहित रविंद्र, डॉ. कृष्णामूर्ति डॉ. आकांक्षा, डॉ. राहुल बंसल व डॉ. रानी बंसल, डॉ. सत्यम खरे, डॉ. अंजलि खरे, डॉ. निखिल श्रीवास्तव, डॉ. विनिता पांडेय, विवेक तिवारी, डॉ. अर्चिता भटनागर, डॉ. जसकिरण कौर, डॉ. नरेश कुमार डॉ. अपूर्व पंवार, डॉ. अंशु त्रिवेदी, डॉ. दीपक राघव, डॉ. दीपीका चौधरी, डॉ. अभिनव शर्मा, डॉ. प्रगति रावत, डॉ. सिद्धार्थ तोमर, डॉ. नवप्रीत कौर, डॉ. सुपुर्णा पंडित, डॉ. ध्रुव गर्ग, गुंजाली सिंह, कोमल सक्सेना व प्रेम, नेहा व तरुण, प्रभात व सुरभी आदि को सम्मानित किया गया।



कवि डॉ. हरिओम पंवार ने अपनी ओजस्वी कविताओं के द्वारा लोगों में ऊर्जा का संचार किया। संचालन डाॅ. मोनिका ने किया। धन्यवाद ज्ञापन अनिल अज्ञात ने दिया। इस अवसर प्रति प्रति कुलपति डॉ. देवेंद्र स्वरुप, डॉ. प्रदीप राघव, डॉ. डीसी सक्सेना, कर्नल राजेश त्यागी, पराग गुप्ता, डॉ. संचित प्रधान, डॉ. इंद्रनील बोस, डॉ मनीष पाठक आदि रहे।
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