पहले इस्तीफा दें, फिर लडे़ं लड़ाएं पंचायत चुनाव
मेरठ। जिला पंचायत चुनाव में भाजपा नेतृत्व ने तय किया था कि जिला, क्षेत्रीय, प्रदेश स्तर की कमेटी के पदाधिकारी चुनाव नहीं लड़ेंगे। यदि वह चुनाव लड़ना चाहते हैं तो पहले संगठन के पद से त्यागपत्र दें। इसी तरह यदि कोई बागी होकर चुनाव लड़ता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
ऐसे मामलों पर भाजपा में कार्रवाई शुरू हो गई है। पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने पर पूर्व विधायक सतीश जतारिया को प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। पंचायत चुनाव में प्रत्याशी बनने के बाद ललितपुर व आंबेडकर नगर के जिलाध्यक्षों ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
पश्चिमी क्षेत्र से क्षेत्रीय उपाध्यक्ष व जिला संयोजक बसंत त्यागी और क्षेत्रीय कार्यसमिति सदस्य मोहन लाल सैनी ने भी जिला पंचायत चुनाव लड़ने के लिए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इन सभी के त्यागपत्र स्वीकार करते हुए प्रांतीय नेतृत्व ने इन्हें जिला पंचायत का प्रत्याशी बनाया है।
--
बागियों पर रहेगी नजर
भाजपा नेतृत्व बागियों और अनुशासनहीनता करने वालों पर पंचायत चुनाव में पूरी नजर रखेगा। किसी भी पदाधिकारी या जनप्रतिनिधि के परिवार का सदस्य पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेगा। यदि किसी ने पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ पर्चा भरा तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। यही नहीं चुनाव के दौरान भी यदि पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ काम किया तब भी पार्टी नेतृत्व कार्रवाई करेगा।