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दिग्विजय भाटी प्रकरण: 10 सितंबर को महापंचायत का एलान, डीआईजी सहारनपुर की जांच पर नजर; भाटी ने दी ये चेतावनी

Sat, 29 Aug 2026 01:00 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

Meerut News: मेरठ के तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय और इंस्पेक्टर अखिलेश समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव यातनाएं देने का आरोप है। दिग्विजय भाटी ने चेतावनी दी है कि नौ सितंबर तक यदि जांच रिपोर्ट नहीं आई तो 10 को महापंचायत की जाएगी। 
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दिग्विजय भाटी, तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय और इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव की पिटाई और यातनाएं देने के मामले में तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय और इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ अभी जांच पूरी नहीं हुई है। जिसको लेकर दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के साथ-साथ उनके समाज के लोगों में आक्रोश है। डीआईजी सहारनपुर की जांच पर नजर टिकी हुई है। 25 अगस्त को एडीजी ने जांच के लिए गुर्जर परिसंघ के पदाधिकारियों से पंद्रह दिन का समय मांगा था। जिसके बाद उन्होंने पंद्रह दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग रखी थी।
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दिग्विजय भाटी ने एलान कर दिया है कि यदि नौ सितंबर तक जांच रिपोर्ट पूरी कर आरोपियों पर मुकदमा दर्ज नहीं होता तो दस सितंबर को महापंचायत की जाएगी। भाटी ने आशंका जताई कि उनका मेडिकल अभी तक नहीं कराया गया। ऐसे में जांच रिपोर्ट में यदि कोई खेल हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
 

दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव को 19 अगस्त को एक मुकदमे में निष्पक्ष कार्रवाई के लिए दोनों एसएसपी ऑफिस पहुंचे थे। आरोप है कि वहां पर मौजूद तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय ने इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ के साथ मिलकर उनकी पिटाई की थी। इसके बाद एसओजी ऑफिस में लाकर इंस्पेक्टर अखिलेश ने साथियों को लगाकर दोनों को फिर पिटवाया था।
 

मामला शासन स्तर तक पहुंचने पर अविनाश पांडेय को एसएसपी पद से हटाकर डीजीपी कार्यालय संबद्ध कर दिया गया था, जबकि अखिलेश गौड़ समेत आठ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया। इसके बाद इंस्पेक्टर अखिलेश गौड को निलंबित कर दिया गया। किसान नेताओं के साथ मारपीट करने वाले एसएसपी के पीआरओ अजयदीप पर अभी अफसर मेहरबान है। हालांकि एसओजी टीम में तैनात अन्य पुलिसकर्मी भी जांच के दायरे में आ रहे है।
 

डीआईजी सहारनपुर अभिषेक सिंह और उनकी टीम साक्ष्य एकत्र कर रही है, ताकि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सके। अभी तक की जांच में किस-किस का क्या-क्या दोष है, उसकी रिपोर्ट तैयार करनी शुरू कर दी है। एसओजी के कुछ पुलिसकर्मी के नाम जांच अधिकारी डीआईजी के सामने आए है, लेकिन अभी सार्वजनिक नहीं किए गए है।
 

एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि मामले की विस्तार से जांच की जा रही है। डीआईजी सहारनपुर की तरफ से जांच रिपोर्ट सौंपने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। बयान दर्ज सभी के कराए जा रहे है। वहीं दूसरी ओर दिग्विजय भाटी ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर नौ सितंबर तक जांच रिपोर्ट और मुकदमा दर्ज नहीं होने पर दस सितंबर को महापंचायत का एलान कर दिया है।
 

डीआईजी सहारनपुर के कार्यालय से फैजल को बयान दर्ज कराने के लिए आया कॉल
डीआईजी सहारनपुर पूरे प्रकरण की जांच कर रहे हैं। दिग्विजय भाटी ने बताया कि बृहस्पतिवार को डीआईजी सहारनपुर के कार्यालय से फैजल के बयान दर्ज कराने के लिए कॉल आया था। फैजल ने बोला कि वह बयान देने सहारनपुर नहीं आ सकता है। मेरठ आकर उनके बयान पुलिस ले सकती है। अब सहारनपुर पुलिस फैजल के बयान लेने के लिए भी मेरठ पहुंचेगी। फैजल भी दिग्विजय और मोहित के साथ एसएसपी कार्यालय गया था, लेकिन वह एसएसपी के पास तक अंदर नहीं गया था।
 
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रवि गौतम ने कमिश्नरी 30 को महापंचायत का किया हुआ है एलान
कलक्ट्रेट गेट पर बवाल करने के आरोपी रवि गौतम का कमिश्नरी पार्क पर धरना शनिवार को भी जारी रहा। रवि गौतम आईपीएस अविनाश पांडेय और एसपी देहात अभिजीत कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि सरकार ने अभी तक उनकी मांग का संज्ञान नहीं लिया है। रवि का कहना है कि तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय और एसपी देहात अभिजीत कुमार की संपत्ति की जांच होनी चाहिए। रवि गौतम ने बताया कि 30 अगस्त को महापंचायत का एलान किया हुआ है।

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