सराफा मंडी मंगलवार को ही गुलजार हो गई। ऑल इंडिया ज्वैलर्स एक्शन कमेटी के बुधवार को बाजार खोलने का आह्वान किया था, लेकिन कारोबारियों ने इंतजार नहीं किया। सुबह ही प्रतिष्ठान खोल दिए। दुकानें खुलने पर ग्राहक भी बाजार में पहुंचे, इससे व्यापारियों ने राहत की सांस ली।
केंद्र सरकार ने सोने और हीरे के आभूषण पर एक फीसदी एक्साइज ड्यूटी लगाई गई थी। एक मार्च को ऑल इंडिया जेम्स एवं ज्वैलरी ट्रेड फेडरेशन (जीजेएफ) के आह्वान पर 2 मार्च से मेरठ समेत देशभर के सराफा व्यापारी हड़ताल पर थे। केंद्र ने फैसले को वापस लेने से इनकार कर दिया था। ऑल इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एंड स्वर्णकार एक्शन कमेटी की भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ हुई अंतिम वार्ता के बाद बुधवार से बाजार खोलने की बात कही थी।
लेकिन मेरठ के सराफा व्यापारियों का धैर्य टूट गया और मंगलवार सुबह से ही अपने प्रतिष्ठान खोलने शुरू कर दिए। सराफा व्यापारियों का रुख देख मेरठ संघर्ष समिति, मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन भी बैकफुट पर आ गई और करीब 11 बजे बैठक कर उन्होंने 12 बजे बाजार खोलने की इजाजत दे दी।
आभूषण प्रेमी पहुंचे बाजार
41 दिन तक चली हड़ताल के बाद शहर सराफा, नील की गली, कागजी बाजार, सदर सराफा, आबूलेन, कंकरखेड़ा, शास्त्रीनगर, शारदा रोड पर रौनक दिखाई दी। ग्राहक भी आभूषण खरीदने पहुंच गए।
सराफा व्यापारियों की भावनाओं को देखते हुए बाजार खुलवाया है। पहले दिन सामान्य कारोबार हुआ है।
- रवि प्रकाश अग्रवाल, सदस्य, ऑल इंडिया जेम्स एवं ज्वैलरी ट्रेड फेडरेशन