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अब सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस कराने के लिए मरीजों को नहीं करना पड़ेगा इंतजार

Wed, 28 Dec 2016 05:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस कराने के लिए मरीजों को अब लंबी वेटिंग का इंतजार नहीं करना पडे़गा। पंडित प्यारेलाल शर्मा जिला चिकित्सालय में जल्द ही डायलिसिस यूनिट की सुविधा व्यापक स्तर पर शुरू होने जा रही है। पीपीपी मॉडल पर आधारित इस यूनिट में 10 बेड की व्यवस्था की गई है।
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इस यूनिट में बीपीएल कार्ड धारकों को डायलिसिस की सुविधा निशुल्क मिलेगी। शासन की ओर से पीपीपी मॉडल पर वाराणसी की हैरिटेज (एजेंसी) को डायलिसिस यूनिट संचालित करने का काम सौंपा गया है। एजेंसी की तरफ से 10  मशीनें जिला अस्पताल को उपलब्ध कराईं गई हैं। जिला अस्पताल में सीएमएस कार्यालय के पीछे स्थित चार मंजिला बिल्डिंग में अलग से डायलिसिस यूनिट बनाई गई है। सीएमएस डॉ. पीके बंसल का कहना है कि सभी डायलिसिस मशीनें इंस्टॉल की जा चुकी हैं। कुछ तकनीकी खामियां हैं, जिन्हें जल्द दूर किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कई मुद्दों पर एजेंसी के लोगों के साथ वार्ता चल रही है। बुधवार को होने वाली बैठक में इन बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा होगी। एमओयू के मुताबिक सरकार ने जो भी शर्तें तय की है, उन्हीं के हिसाब से कंपनी जिला अस्पताल में सुविधा उपलब्ध कराएगी।

 
हर रोज 40 मरीजों की होगी डायलिसिस
इस यूनिट में 30 से 40 मरीजों की प्रतिदिन डायलिसिस की जाएगी। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि नई यूनिट में हीमो और पेरिटोनियम डायलिसिस की सुविधा भी मिलेगी। कुछ मरीजों को हीमो डायलिसिस की जरूरत होती है तो कुछ को पेरिटोनियम की। बेहद कम या अधिक आयु वर्ग के ऐसे मरीज जिन्हें हृदय संबंधी समस्या होती है, उन्हें पेरिटोनियम डायलिसिस दिया जाता है।
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पीपीपी मॉडल से सुधरेंगे हालात
जिला अस्पताल में पहले से ही डायलिसिस की तीन मशीनें संचालित हैं, लेकिन उनका मेंटिनेंस खर्च काफी ज्यादा होने और नेफ्रोलॉजिस्ट की उपलब्धता नहीं होने के कारण मशीनों का संचालन ठीक से नहीं हो सकता है। आलम यह है कि तीन मशीनें होने के बाद भी एक महीने में 20 से 25 लोगों का डायलिसिस हो पाता था। मशीन खराब होने पर उन्हें ठीक होने में भी महीनों लग जाते थे, लेकिन पीपीपी मॉडल से अब यह सुविधा बेहतर तरीके से चलने की उम्मीद है।
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