- 30 हजार रुपये में भ्रूण लिंग परीक्षण कराने का आरोप
- रोहतक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। रोहतक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार शाम गढ़ रोड पर जागृति विहार सेक्टर पांच में ग्लोबल डायग्नोस्टिक सेंटर पर छापा मारा। इस दौरान पुलिस और मेरठ स्वास्थ्य विभाग की टीम भी साथ रही। यहां से सेंटर संचालिका डॉ. छवि बंसल और तीन दलालों नंगलाताशी निवासी अनिल, नगर कोतवाली क्षेत्र निवासी पवन और गोविंदपुरी निवासी हेमंदर को गिरफ्तार किया है। इन पर भ्रूण लिंग जांच कराने का आरोप है।
गर्भाधान पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) टीम के नोडल अधिकारी डॉ. महेश चंद्रा ने बताया कि रोहतक की टीम को सूचना मिली थी कि जागृति विहार सेक्टर पांच स्थित ग्लोबल डायग्नोस्टिक सेंटर में भ्रूण लिंग परीक्षण किया जा रहा है। इस सूचना पर उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट अनिल कुमार, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के साथ छापेमारी की। गभर्वती महिला रोहतक स्वास्थ्य विभाग के पहले से संपर्क में थी। महिला का तीन दलालों के जरिये 30 हजार रुपये में भ्रूण लिंग परीक्षण कराना तय हुआ था। एक हजार रुपये (500-500) के दो नोट अल्ट्रासाउंड सेंटर के रिसेप्शन पर रजिस्ट्रेशन के लिए दिए गए थे, जिनमें से 300 रुपये वापस होने थे। इसी दौरान टीम ने छापेमारी की और उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। दोनों नोटों की सीरीज भी मैच हो गई। रोहतक की टीम ने दावा किया कि 6 बार रेकी करने पर अब 7वीं बार पुष्टि होने पर छापेमारी की गई है। अल्ट्रासाउंड होने पर गर्भवती महिला का फॉर्म (एफ) नहीं भरा था, जो भरना अनिवार्य है।
थाने जाते समय फूट फूटकर रोई डॉक्टर
डॉक्टर ने खुद को दिल की मरीज बताकर थाने जाने से किया इन्कार किया। टीम की सख्ती के बाद साथ में मौजूद महिला कांस्टेबल ने सेंटर से बाहर निकाला और मेरठ एसीएमओ की सरकारी बोलेरो में बैठाकर थाना मेडिकल ले गई। मेडिकल थाने में कुछ अधिवक्ता और आईएमए के पदाधिकारी उन्हें छुड़ाने पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सेंटर में आने वाले मरीजों का डाटा मांगा, लेकिन डाटा उपलब्ध नहीं कराया गया। सेंटर संचालिका और अन्य स्टाफ एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे।
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भ्रूण लिंग परीक्षण के पूर्व में पकड़े गए मामले
- 15 अप्रैल 2024: जानी खुर्द में लग्जरी कार में भ्रूण परीक्षण करते तीन गिरफ्तार
- 21 जून 2023: सकौती में दो महिलाओं समेत चार गिरफ्तार
- 8 जून 2023: ईव्ज चौराहे पर भ्रूण लिंग जांच सेंटर का खुलासा, मशीनें बरामद
- 14 जून 2023: मेडिकल थाना क्षेत्र में दो लोग गिरफ्तार, 10 हजार रुपये बरामद
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ऐसे पकड़ती है स्वास्थ्य विभाग की टीम
भ्रूण लिंग परीक्षण करने वालों के एक स्टिंग ऑपरेशन पर शासन दो लाख रुपये खर्च करता है। इनमें भ्रूण जांच या गर्भपात कराने सेंटर और दलालों को ढूंढने वाले व्यक्ति को 60 हजार रुपये दिए जाते हैं। जो गर्भवती महिला सेंटर में जाती है उसे एक लाख रुपये दिए जाते हैं। जो महिला के साथ सहयोगी बनकर जाता है उसे 40 हजार रुपये दिए जाते हैं। इसमें दोष सिद्ध होने पर पांच साल कैद और एक लाख रुपये जुर्माना हो सकता है। डॉक्टर और जांच कराने वाले व्यक्तियों को समान कैद और जुर्माना हो सकता है। इसे डिकॉय ऑपरेशन कहते हैं। इसमें स्वास्थ्य विभाग स्टिंग ऑपरेशन करता है।
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आईएमए के चिकित्सकों का हंगामा, हड़ताल की चेतावनी
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) मेरठ शाखा के चिकित्सक डॉ. छवि बंसल के समर्थन में थाने पहुंचे। उन्होंने उन्हें छोड़ने की मांग की। कहा कि उनके पास से न तो रुपये मिले हैं और न ही उन्होंने भ्रूण लिंग परीक्षण किया है। उन पर लगे आरोप निराधार हैं। बात इस कदर बढ़ी कि चिकित्सक हंगामा करने लगे। उन्होंने कहा कि डॉ. छवि की तबीयत ठीक नहीं हैं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया। उन्होंने हड़ताल पर जाने की चेतावनी भी दी। कहा कि डॉक्टर को फंसाया गया है। इस दौरान आईएमए सचिव डॉ. सुमित उपाध्याय, डॉ. मनीषा त्यागी, डॉ. तनुराज सिरोही, डॉ. रवि राणा, डॉ. लोकेश कुमार, डॉ. अजीत चौधरी आदि रहे। आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनुपम सिरोही ने कहा कि आईएमए डॉक्टर के साथ है। आईएमए का कोई डॉक्टर भ्रूण लिंग परीक्षण नहीं करता है। कोई गलतफहमी हुई है।
इकरार अहमद....मेडिकल थाना क्षेत्र के जागृति विहार में हरियाणा रोहतक की स्वास्थ्य टीम ने लिंग भ्