संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। विश्व मधुमेह दिवस 14 नवंबर को मनाया जा रहा है। यह बीमारी शरीर को अंदर से खोखला रही है। मधुमेह ही तमाम बीमारियों की जननी है। बिगड़ते खानपान की वजह से मधुमेह की रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। लोग कैलोरी अधिक मात्रा में ले रहे हैं, लेकिन उस हिसाब से काम नहीं कर रहे हैं।
जिले में भी डायबिटिज के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सत्र 2024-25 में अप्रैल से अब तक 21203 लोगों में डायबिटिज की पुष्टि हुई। ये मरीज मेडिकल अस्पताल और सीएचसी, पीएचसी पर जांच के बाद बाद मिले। जिनका इलाज चल रहा है।
इसके अलावा कुछ मधुमेह रोगियों का इलाज निजी तो कुछ रोगी देशी दवाओं से अपना इलाज कर रहे हैं। डॉ. समीर भटनागर ने बताया कि 30 साल से अधिक आयु के लोगों को डायबिटिज का खतरा है। जिले में इससे अधिक आयु के लोगों की संख्या करीब 16 लाख है।
n इंसुलिन की कमी से हो रही डायबिटिज : शरीर में इंसुलिन की कमी से मधुमेह हो रही है। टाइप-1 मधुमेह जन्म से इंसुलिन की कमी और टाइप-2 मधुमेह इंसुलिन नहीं बन पाने की वजह से हो रही है। इंसुलिन अग्नाश्य में बनता है। अग्नाश्य में इंसुलिन बनाने वाली बीटा कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं। जिसकी वजह से इंसुलिन नहीं बनता है।