मेरठ। विश्व जनसंख्या दिवस पर जनसंख्या समाधान फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट में धरना दिया। उन्होंने केंद्र सरकार से जनसंख्या नियंत्रण कानून जल्द बनाने की मांग की। इस दौरान प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देकर 23 सितंबर को दिल्ली कूच का एलान किया गया।
धरना स्थल पर हुई सभा में प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह नीलकंठ ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या देश के लिए गंभीर चिंता का विषय है। इससे अन्य समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। इनसे निपटने के लिए जनसंख्या नियंत्रण कानून जल्द लागू होना जरूरी है। महानगर अध्यक्ष सचिन सिराेही ने कहा कि नौ वर्ष से संगठन आंदोलनरत है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल चौधरी के नेतृत्व में देश के 23 राज्यों के 400 से अधिक जिलों में अभियान चलाया जा रहा है। नौ अगस्त 2018 को संगठन और 125 सांसदों ने हस्ताक्षरयुक्त मांग पत्र सौंपकर राष्ट्रपति से कानून बनाने की प्रक्रिया शुरु करने का अनुरोध किया था।
अब 22 सितंबर को देशभर के कार्यकर्ता दिल्ली-गाजियाबाद स्थित बॉर्डर पर संगठन के कैंप कार्यालय पर एकत्र होंगे और 23 सितंबर की सुबह प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर रैली के रूप में कूच किया जाएगा। अगर रास्ते में कहीं रोका गया तो वहीं अनिश्चितकालीन धरना शुरु कर दिया जाएगा। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश प्रभारी रविंद्र गुर्जर, प्रदेश उपाध्यक्ष चहन सिंह बालियान, महानगर महामंत्री बालकिशन राय, महानगर मंत्री संजय सिंह, कपिल शर्मा सहित अन्य ने विचार व्यक्त किए।
जनसंख्या विकट समस्या : अजय सेठी
मेरठ। सामाजिक संगठन कोशिश के अध्यक्ष अजय सेठी ने बयान जारी कर कहा कि बढ़ती जनसंख्या रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिएं। जन्म दर कम करने के उपायों के साथ त्वरित प्रभाव से एक कानून लाया जाना चाहिए। दो से अधिक संतान पैदा करने पर सरकारी सुविधाएं बंद होनी चाहिएं। उन्होंने कहा कि परिवार कल्याण और परिवार नियोजन के कार्यक्रम सिर्फ कागजों पर चल रहे हैं। बढ़ती आबादी देश की तरक्की में बाधा बन रही है। इसके बढ़ने से रोजगार, स्वच्छ जल, खाद्यान्न संकट का भी सामना करना पड़ सकता है। केंद्र और राज्य सरकारों को बढ़ती आबादी पर शिकंजा कसने का प्रयास करना चाहिए।