स्वामी कल्याण देव डिग्री कॉलेज में धन सिंह कोतवाल की जयंती मनाते हुए।
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हस्तिनापुर। कस्बा स्थित स्वामी कल्याण देव डिग्री कॉलेज में बुधवार को धन सिंह कोतवाल की जयंती मनाई गई। जिसमें कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने विशेष रूप से भाग लिया। इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य और प्रवक्ता ने विचार रखे।
मेरठ में 1857 की क्रांति के प्रथम नायक अमर शहीद धन सिंह कोतवाल का जन्म दिन बुधवार को कस्बे में स्थित स्वामी कल्याण देव डिग्री कॉलेज में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर कॉलेज के समस्त स्टाफ छात्र-छात्राओं ने देश को गौरवान्वित करने वाले धन सिंह कोतवाल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. महेश कुमार ने कहा कि शहीद धन सिंह कोतवाल मेरठ के सदर थाने में पुलिस चीफ के पद पर तैनात थे 10 मई 1857 को उनके नेतृत्व में रात 2:00 बजे जेल तोड़कर 1836 कैदियों को जेल से छुड़वाया गया। उसके बाद जेल में आग लगा दी गई। इसके बाद धन सिंह कोतवाल को मेरठ के चौराहे पर फांसी पर लटका दिया गया। धन सिंह कोतवाल को 1857 की प्रथम क्रांति के जनक के रूप में जाना जाता है। धन सिंह कोतवाल के गांव पंचाली पर एक अंग्रेज रिसाले ने 56 घुड़सवार 38 पैदल सिपाही और 10 तोपों से हमला कर पूरे गांव को उजाड़ दिया था। बाकी बचे 80 लोगों को फांसी पर लटका दिया गया था। गांव गगोल के 9 लोगों को भी फांसी दी गई थी। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने शहीद धन सिंह कोतवाल को सम्मान देने के लिए एक कैंपस का नाम धनसिंह के नाम पर रखा है। धन सिंह कोतवाल की साहस को हमेशा याद रखा जाएगा। अत: सभी छात्र-छात्राओं को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। इस अवसर पर हिंदी प्रवक्ता डॉ. किशोर कुमार ने बताया कि धन सिंह कोतवाल के नेतृत्व में समस्त पश्चिमी उत्तर प्रदेश, देहरादून, दिल्ली, मुरादाबाद, पंजाब राजस्थान से लेकर महाराष्ट्र के हजारों क्रांतिकारी स्वतंत्रता के इस प्रथम संग्राम में कूद पड़े थे। इस अवसर पर कॉलेज प्रवक्ता महिपाल सिंह, डेजी जैन, शिवानी, अंजू, शोभित, अनुज कुमार, गौरव कुमार, सहित समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।