नगर निगम ने शुरू की थी डेयरियां शहर से बाहर करने की कवायद
2415 सफाई कर्मियों की बहाली के लिए न्यायालय में दायर है याचिका
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। डेयरियों को शहर से बाहर करने और संविदा कर्मियों की बहाली के मामले में सोमवार को उच्च न्यायालय में सुनवाई होनी है। दोनों ही मामलों पर याचिकाकर्ताओं के साथ ही नगर निगम अधिकारियों की भी नजर लगी हुई है।
शहर में एक हजार से ज्यादा डेयरियों का संचालन किया जा रहा है। इन डेयरियों से निकलने वाला गोबर न केवल शहर को गंदा कर रहा है बल्कि नालों को भी चोक कर रहा है। नालों से गोबर निकालने में ही नगर निगम के तमाम संसाधन लगे रहते हैं, इसमें निगम का करोड़ों रुपया खर्च हो रहा है। निगम ने डेयरियों को शहर से बाहर करने की कवायद शुरू की तो डेयरी संचालकों ने मामले को उच्च न्यायालय में चुनौती दे दी। हाईकोर्ट ने नगर निगम से इस मामले में जवाब मांगा था। सोमवार को इस मामले की कोर्ट में सुनवाई होनी है।
इसके अलावा सफाई कर्मचारी नेता कैलाश चंदौला ने आउटसोर्सिंग ठेका प्रथा के तहत कार्यरत 2415 सफाई कर्मचारियों की बहाली के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की हुई है। इस मामले में भी सोमवार को सुनवाई होनी है। सपा सरकार में इन सभी सफाई कर्मचारियों की संविदा खत्म कर दी गई थी। इसके बाद हुए आंदोलन के बाद इन सभी कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग प्रक्रिया के तहत रखा गया है।