व्हीलचेयर पर कांवड़-36वीं बार कांवड़ लाईं दिव्याग रीता
गाजियाबाद निवासी दिव्यांग महिला रीता की कहानी भावुक कर देने वाली है। उन्होंने अपनी व्हीलचेयर पर बैठकर हरिद्वार से 36वीं बार कांवड़ यात्रा पूरी की। उनके साथ तीन बेटियां-सिया (8), आंचल (12) और चंचल (15) भी पैदल यात्रा करती रहीं हैं और हरिद्वार से गंगाजल लेकर मेरठ तक आईं। वह आज गाजियाबाद पहुंच जाएंगी।
रीता ने बताया कि उनके पति पैरालिसिस के शिकार हैं, इसलिए वे इस बार साथ नहीं आ सके। लेकिन रीता ने हार नहीं मानी, व्हीलचेयर खुद चलाकर और बेटियों की मदद से हरिद्वार से गंगाजल लाकर भगवान शिव को समर्पित करने का संकल्प पूरा किया।
रीता की ससुराल मेरठ में है और वे गाजियाबाद में रहती हैं। शादी से पहले से ही वे कांवड़ ला रही हैं, यह उनकी 36वीं यात्रा है। रीता बताती हैं कि उनकी बड़ी बेटी की भी यह सातवीं कांवड़ है।