मवाना। आस्था और अडिग विश्वास के आगे बड़ी-से-बड़ी कठिन राहें भी आसान हो जाती हैं। कुछ ऐसा ही नजारा हरिद्वार से आ रही कांवड़ यात्रा के दौरान देखने को मिल रहा है। प्रताप नगर, थाना हस्तिनापुर निवासी अनिल के भोले बाबा के प्रति अपनी अटूट भक्ति और अनोखे संकल्प को लेकर चर्चा में हैं। अनिल हरिद्वार से सामान्य रूप से पैदल न चलकर, सड़क पर लेटकर (दंडवत प्रणाम करते हुए) कांवड़ ला रहे हैं।
कठिन और कड़े नियमों से भरी इस यात्रा के पीछे उनकी एक विशेष मनोकामना छिपी है। अनिल ने बताया कि उनकी शादी के पांच साल बीतने के बाद भी संतान सुख नहीं मिल सका है। इसी मन्नत को लेकर वह भगवान शिव के द्वार पहुंचे और लेटकर कांवड़ चढ़ाने का संकल्प लिया। वह पूरी श्रद्धा के साथ हर कदम पर दंडवत प्रणाम करते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
यह पहली बार नहीं है जब अनिल ने भोलेनाथ के दर पर ऐसी अनोखी अर्जी लगाई हो। इससे पहले वह अपने भाई की शादी की मन्नत लेकर माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर लाया था, इससे पहले दादा-दादी को कांवड़ में बैठाकर ला चुका है। भाई की शादी जुलाई 2026 में होने पर मन्नत पूरी हो चुकी है। भाई का विवाह सकुशल संपन्न होने के बाद उनका विश्वास और गहरा हो गया है, जिसके बाद अब वह अपनी पत्नी की सूनी गोद भरने की मनोकामना के साथ इस बेहद मुश्किल यात्रा पर निकले हैं। राहगीर और अन्य शिवभक्त उनकी इस अटूट निष्ठा को देखकर दंग हैं और उनकी मन्नत पूरी होने की प्रार्थना कर रहे हैं।