हस्तिनापुर। कस्बे की न्यू ब्लॉक कॉलोनी में चल रहे पांच दिवसीय शीतला माता पूजा महोत्सव के अंतिम दिन मंगलवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। शीतला माता को मनाने के लिए भक्तों ने अग्निकुंड से पैदल गुजर कर परीक्षा दी।
महोत्सव के अंतिम दिन माता शीतला और भगवान कार्तिकेय की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का समापन शीतला माता के मंदिर पर हुआ। मंदिर के प्रागंण में लगभग 10 फीट लंबे व दो फीट चौड़े कुंड में दहकते अंगारों पर अखंड ज्योति लेकर पुजारी निकले। इसके बाद दर्जन भर से अधिक श्रद्धालु नंगे पैर अंगारों से गुजरे। कस्बे के नारायण नियोगी ने बताया कि प्रतिवर्ष देश के कोने-कोने से श्रद्धालु इस पूजा में शामिल होने पहुंचते हैं। श्रद्धालु मुख एवं शरीर के कई हिस्सों में लोहे के त्रिशूलों से भेदकर मां की भक्ति प्रदर्शित करते है।
मां की भक्ति में है शक्ति
महोत्सव के संयोजक राजू का कहना है कि भक्तों में मां के प्रति अटूट श्रद्धा है। इसी कारण श्रद्धालु दहकते अंगारों को पार करते हैं। शरीर को त्रिशूल से भेदते हैं। भक्तो के त्रिशूल से भेदने पर खून या अंगारों पर चलने से पैरों में छाले भी नहीं पड़ते हैं।