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Meerut News: पांडवों की नगरी में उतरा देवलोक, गंगा में लगाई पुण्य की डुबकी

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गंगा घाट पर दीपदान करते श्रद्धालु स्रोत संवाद
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हस्तिनापुर। पांडवों की वैभवशाली राजधानी रही हस्तिनापुर में बृहस्पतिवार को गंगा के तट से लेकर मंदिर, कुंड, तालाब और घरों में अद्भुत, अलौकिक और दिव्य देव दीपावली मनाई गई। कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी की सुबह श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई। वहीं, शाम के समय गंगा की लहरों पर ऐसा मनोरम दृश्य था, मानों साक्षात देवलोक उतर आया हो। ऐसा भव्य नजारा हस्तिनापुर से लेकर गंगा घाट तक दिखाई दिया।
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दीपाें की जगमग, झालरों की टिमटिमाती रोशनी, गीत-संगीत की धमक और आतिशबाजी की चमक, फूलों से सजे मंदिर, घाट, चटकीले रंगों से बनी मनोहारी रंगोलियां, घरों से लेकर गंगा के तट तक आस्था का अपार सैलाब और प्राचीन संस्कृति का यह नजारा आकर्षण का केंद्र रहा।
कार्तिक मास की पूर्णिमा पर भगवान श्रीकृष्ण की कर्मभूमि हस्तिनापुर का वैभव देखने से लग रहा था कि मानों स्वयं देवता धरा पर आ रहे हों। पतित पावनी मोक्षदायिनी गंगा नदी के जगमगाते घाट और सांस्कृतिक छटा से गंगा की लहरों पर अर्पित दीपों की लड़ियों का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा था। इस नजारे को देखने के लिए काफी संख्या में श्रद्धालु गंगा किनारे पर मौजूद थे। इन्होंने मां गंगा की पूजा-अर्चना कर मोक्ष की कामना की।
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मखदूमपुर गंगा घाट, बूढ़ी गंगा घाट सहित द्रौपदी घाट, प्राचीन जयंती माता मंदिर, पांडेश्वर महादेव मंदिर, कर्ण मंदिर, प्राचीन दिगंबर जैन बड़ा मंदिर, श्वेतांबर मंदिर, जंबूदीप तीर्थ आदि दर्जनों स्थान भव्य रूप से दीपमाला और लड़ियों से सजाए गए थे। (संवाद)


देव दीपावली पर अर्पित किए दीप
कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली के नाम से भी जाना जाता है। इसके चलते महाभारत कालीन ऐतिहासिक भूमि में बड़े मेलों का भी आयोजन होता है। मखदूमपुर गंगा घाट पर बृहस्पतिवार की शाम श्रद्धालुओं ने अपने-अपने देवताओं को दीप अर्पित किए। घाट पर हजारों दीपों के रोशन होते ही देव दीपावली का महोत्सव परवान चढ़ गया।

गंगा घाट पर दीपदान करते श्रद्धालु स्रोत संवाद

गंगा घाट पर दीपदान करते श्रद्धालु स्रोत संवाद

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