शहर के अंदर चलने वाले भारी वाहनों को रोकने और आसानी से सामान के फैक्टरी तक पहुंचाने के लिए सिटी लॉजिस्टिक प्लान को बनाया जाना है। इससे शहर के अंदर लगने वाले जाम से छुटकारा मिलेगा। वहीं, आसानी से सामान कंटेनर डिपो पर पहुंचकर वेयरहाउस में पहुंच सकेगा। जिससे छोटे वाहनों के द्वारा सामान को फैक्टरियों तक पहुंचाया जा सके। मेरठ में हाइवे, एक्सप्रेसवे का निर्माण चारों तरफ किया जा रहा है। अब जरुरत है औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए कार्ययोजना तैयार कर निवेश को बढ़ाने के लिए आसान किया जाए।
पहले होगा सर्वे... क्या है मेरठ में जरूरी
सिटी लॉजिस्टिक प्लान के लिए कंपनी मेरठ के औद्योगिक क्षेत्र का सर्वे करेगी। उस क्षेत्र को किलोमीटर में बांटकर सर्वे किया जाएगा। उसमे देखना होगा किस क्षेत्र में किस प्रकार के उद्योग स्थापित है। वहां क्या सामान बाहर से आता है और क्या जाता है। वहीं, किस तरह से सामान के लाने-जाने का अभी साधन हैं। इस कार्य के लिए एक संयुक्त बैठक भी सभी विभागों की जाएगी।
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शहर के प्रमुख उद्योग
खेल, कपड़ा, आभूषण, कैंची, बैंडबाजा।
यह है प्रस्तावित
1. डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का स्टेशन।
2. रैपिड रेल (रात के समय फ्रेट के लिए भी उपयोग प्रस्तावित)
3. परतापुर और सलारपुर(कंटेनर डिपो प्रस्तावित)