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विकास खंड सरूरपुर : दूषित पानी की निकासी और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था पर फोकस करेंगे नवनिर्वाचित प्रधान हाजी अफजाल

Thu, 27 May 2021 09:19 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सरूरपुर, मेरठ

सार

प्रधान हाजी अफजाल प्रमुख रूप से कारोबारी हैं। आठवीं तक शिक्षा ग्रहण की है। उन्होंने बताया कि 2015 के चुनाव में वह हार गए थे। लेकिन बार ग्रामीणों ने सेवा का मौका दिया है। गांव को आदर्श ग्राम पंचायत बनाना ही उनका लक्ष्य है।
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निर्वाचित प्रधान हाजी अफजाल व गांव में बना पॉलीटेक्निक कॉलेज - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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सरूरपुर पंचायत चुनाव के बाद विकास खंड क्षेत्र के गांव जसड़ सुल्तान नगर में नई सरकार बन चुकी है। निर्वाचित प्रधान हाजी अफजाल ने भी गांव के विकास का खाका खींचना शुरू कर दिया है। उन्होंने गांव की प्रमुख समस्याओं को चिह्नित किया है। उनके अनुसार, गांव में दूषित पानी की निकासी और स्वच्छ पेयजल की बड़ी समस्या है। सबसे पहले इनके लिए काम किया जाएगा। 
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प्रधान हाजी अफजाल प्रमुख रूप से कारोबारी हैं। आठवीं तक शिक्षा ग्रहण की है। खेती किसानी के साथ डेयरी और ईट भट्ठे का कारोबार है। उन्होंने बताया कि 2015 के चुनाव में वह हार गए थे। लेकिन बार ग्रामीणों ने सेवा का मौका दिया है। गांव को आदर्श ग्राम पंचायत बनाना ही उनका लक्ष्य है। गांव में दूषित पानी की समस्या जटिल है। जल्द ही साफ पानी वाले स्थान पर बोरिंग कराकर गांव को जलापूर्ति कराएंगे। यही उनकी पहली प्राथमिकता है। 

ये रहेंगी प्राथमिकताएं
- गांव के मुख्य मार्ग का निर्माण एवं स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था
- ग्रामीणों को सफाई और शौचालय के प्रयोग के लिए जागरूक करना
- महामारी से बचाव के लिए गांव को सैनिटाइज कराना
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प्रमुख समस्याएं
- गांव में दूषित और खारे पानी की समस्या 
- खड़ंजे और नालियां टूटने से जलनिकासी बाधित 
- तालाबों की सफाई न होने के कारण जलभराव की समस्या 

ग्राम पंचायत एक नजर में 
कुल आबादी : करीब 12000 
कुल मतदाता : 5515
पड़े वोट : 4507 
मिले वोट : 1421
एक प्राथमिक और एक उच्च प्राथमिक स्कूल

सालों से अधूरा पड़ा पॉलीटेक्निक कॉलेज
सपा सरकार में एमएसडीपी योजना से गांव में पॉलीटेक्निक कॉलेज बनवाया गया था, लेकिन शिक्षण कार्य आज तक शुरू नहीं हो पाया है। करीब 80 प्रतिशत निर्माण भी हो चुका है। 2019 में उप्र विधानमंडल समिति के सभापति रामचंद्र यादव ने निरीक्षण किया था। लेकिन कॉलेज शुरू नहीं हो पाया।

समाजसेवी मुकेश शास्त्री ने सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह से तकनीकी शिक्षण संस्थान चालू कराने की मांग की थी। उन्होंने बताया कि शिक्षण कार्य शुरू कराने के लिए चार करोड़ तीस लाख रूपये का बजट सुरक्षित है। तकनीकी शिक्षा विभाग को सौंपने के बाद ही यह धनराशि खर्च की जाएगी।
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