किसान आंदोलन में निभाई अहम भूमिका
कृषि कानूनों के विरोध में वर्ष 2020 में चौधरी सुरेंद्र सिंह के आवास पर हुई पंचायतों में किसान आंदोलन की आगे की रणनीति तय की गई थी। दिसंबर 2020 में खाप चौधरियों की अगुवाई में बड़ौत में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर धरना शुरू हुआ था। आंदोलन को जारी रखने के लिए 12 सदस्यीय कमेटी भी बनाई गई थी, जो रोजाना की रणनीति तय करती थी।
जनवरी 2021 में बड़ौत की महापंचायत में गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन को समर्थन देने का फैसला लिया गया था। गांव-गांव से किसानों के जत्थे गाजीपुर बॉर्डर भेजने का आह्वान किया गया। फरवरी 2021 में चौधरी सुरेंद्र सिंह के आवास पर सर्वखाप चौधरियों की पंचायत में भी किसान आंदोलन को लेकर चर्चा हुई थी।
टिकैत परिवार से रहा पुराना संबंध
देशखाप और टिकैत परिवार के बीच भी पुराना सामाजिक और किसान संबंध रहा है। चौधरी सुरेंद्र सिंह के पिता चौधरी सुखबीर सिंह और किसान नेता चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत पारिवारिक रिश्तेदार थे। किसान आंदोलनों के दौरान दोनों खापों के चौधरियों की सक्रियता कई मौकों पर साथ दिखाई दी।
निधन से दो दिन पहले ही भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत बड़ौत स्थित चौधरी सुरेंद्र सिंह के आवास पर पहुंचे थे और उनका हालचाल जाना था।
कई जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक
चौधरी सुरेंद्र सिंह के निधन पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, विधायक डॉ. अजय कुमार, पूर्व सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह, सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, संजीव तोमर, गौरव बड़ौत, अश्विनी तोमर, विश्वास चौधरी, राजेंद्र चौधरी, थांबा चौधरी यशपाल सिंह, थांबा चौधरी बृजपाल सिंह, पूर्व विधायक वीरपाल राठी, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष रामकुमार चौधरी समेत कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक लोगों ने शोक संवेदना व्यक्त की।
दोपहर 12 बजे होगा अंतिम संस्कार
चौधरी सुरेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार बुधवार दोपहर 12 बजे हाईवे स्थित श्मशान घाट पर किया जाएगा।