मेरठ। मेरठ परिक्षेत्र के उप गन्ना आयुक्त राजीव राय को शासन की ओर से मेरठ से हटा दिया गया है। उन्हें गोरखपुर और देवरिया के उप गन्ना आयुक्त के साथ अटैच किया गया है। गन्ना भवन पर भाकियू के सात दिन तक चले धरने के बाद शासन की ओर से यह कदम उठाया गया है। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी 21 दिसंबर को गन्ना भवन पर आयोजित पंचायत में पहुंचे थे।
भारतीय किसान यूनियन की ओर से पिछले कई माह से लगातार गन्ना विभाग के अधिकारियों से मिलकर गन्ना मिलों की मनमानी पर सवाल उठाए जा रहे थे। भाकियू के जिलाध्यक्ष अनुराग का कहना था कि मिलों पर किसानों का गन्ना सही प्रकार से नहीं लिया जा रहा है। विभाग की ओर से किसानों को बढ़ा हुआ हाड़ा (पर्ची से अधिक गन्ना) नहीं लिया जा रहा था। इस कारण किसानों को परेशान होना पड़ा। इसके अलावा किसान भाड़ा घटाने की मांग कर रहे थे। इसे लेकर भाकियू की ओर से 15 दिसंबर सोमवार को गन्ना भवन पर धरना दिया गया। यह धरना 15 से 21 दिसंबर तक दिन रात चला।
किसानों ने गन्ना विभाग के सभी कार्यालयों पर ताला लगा दिया। धरना जारी रहा और 21 दिसंबर को महापंचायत भी बुलाई गई। महापंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी पहुंचे और उन्होंने किसानों की मांगों को लेकर लखनऊ में आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसके बाद किसानों की अधिकांश मांगों को विभाग की ओर से पूरा कर दिया गया था। इसके बाद पंचायत और धरना खत्म हो गया। अब धरने की गूंज शासन तक पहुंची थी। अब धरना खत्म होने के चार दिन बाद बृहस्पतिवार को शासन की ओर से मेरठ परिक्षेत्र के उप गन्ना आयुक्त राजीव राय को हटा दिया गया है। अपर गन्ना आयुक्त अभिषेक आनंद के पत्र के अनुसार उप गन्ना आयुक्त राजीव राय को उप गन्ना आयुक्त गोरखपुर और उप गन्ना आयुक्त देवरिया के सहयोगार्थ लगाया गया है। अब मेरठ परिक्षेत्र के उप गन्ना आयुक्त का अतिरिक्त चार्ज जिला गन्ना अधिकारी बीके पटेल को दिया गया है।
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इतनी कार्रवाई काफी नहीं, आंदोलन जारी रहेगी
- इस मामले में भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा कि हाड़ा और भाड़ा को लेकर किसानों का आंदोलन अभी जारी रहेगी। एक अधिकारी पर यह कार्रवाई ही काफी नहीं है। किसान मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव गन्ना से वार्ता का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एडीएम की ओर से वार्ता कराने का आश्वासन पहले ही दिया जा चुका है।