एक किमी सड़क को बता दिया तोहफा
अगर मेरठ क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियां गिनाने की बात करें तो सरधना क्षेत्र के दौराला-मसूरी मार्ग पर एक किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण पॉलीथिन से किया गया है, जिसे लेकर सरकारी मशीनरी प्रचार-प्रसार कर रही है।
फाइलों में ही कैद है कांवड़ पटरी मार्ग
भविष्य में शहर को जाम से बचाने और गंगनहर की पटरी पर दोनों तरफ सड़क बनाने का दो साल पहले प्रपोजल तैयार किया गया था। एक तरफ पहले से ही सड़क बनी हुई है, लेकिन दूसरी तरफ सड़क बनाने के लिए तैयार किए प्रपोजल पर सरकार मोहर लगाने को तैयार नहीं है।
प्रपोजल को भी सरकार ने कई बार बदलवा दिया है। कभी गंगनहर की दायीं पटरी पर तो कभी बायीं पटरी पर सड़क बनाने का प्रपोजल बनवाया जा रहा है। 300 करोड़ से अधिक की लागत का प्रपोजल तैयार किया गया, जिसे अभी भी सरकार की मोहर लगने का इंतजार है। जनता की नजरों में सरकार कांवड़ पटरी मार्ग को लेकर समय पूरा कर रही है।
न यात्री शेड और न लगे क्रश बैरियर
मुरादनगर से मुजफ्फरनगर के बीच गंगनहर में डूबने से काफी लोगों की जान जा चुकी है। गंगनहर पर कांवड़ पटरी मार्ग पर जहां नहर किनारे क्रश बैरियर लगाने का प्रपोजल तैयार किया गया था। वहीं कांवड़ पटरी मार्ग पर यात्री शेड बनाए जाना निश्चित किया था। इनमें से कोई कार्य पूरा नहीं हो पाया है। पीडब्ल्यूडी अधिकारी विकास कार्य के लिए बजट की कमी होना बता रहे हैं।
गड्ढा मुक्ति में भी सफलता नहीं
जनता को सरकार से पूरी तरह सड़क गड्ढा मुिक्त का लाभ भी नहीं मिल पाया है। गड्ढा मुक्ति की सच्चाई जाननी है तो मेरठ की गढ़ रोड पर आनंद अस्पताल से काली नदी तक का सफर तय कर लीजिए। इसके अलावा मवाना रोड, रुड़की रोड, दिल्ली रोड, बागपत रोड गड्ढों में तब्दील है।
हालांकि, इनमें तीन मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग के हैं। अगर देहात की सड़कों की गड्ढा मुक्ति की बात करें तो बुरा हाल है। सरकार ने भले ही 15 नवंबर तक का समय दिया हुआ हो, लेकिन सच्चाई यह है कि सड़कों की गड्ढा मुक्ति में भी लापरवाही और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार की योजना को पलीता लगाने में पीडब्ल्यूूडी के अधिकारी भी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
शासन से नहीं मिली स्वीकृति
गंगनहर की पटरी पर कांवड़ मार्ग सहित कई प्रपोजल बनाए गए हैं। शासन से स्वीकृति नहीं मिली है। गंगा पुल का रिवाइज बजट शासन को भेजा गया है। शासन के निर्देश पर आईआईटी रुड़की के इंजीनियरों ने मौके पर जांच की है। प्रपोजल शासन को जाना है। धन मिलते ही गंगा पुल पर सड़क निर्माण शुरू हो जाएगा। सेतु निगम का काम भी धन के अभाव में अटका पड़ा है। सड़कों की गड्ढा मुक्ति चल रही है।
- संजीव भारद्वाज, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी।
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