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स्क्रैप चोरी में फंसे डिपो प्रभारी से मांगा स्पष्टीकरण

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स्क्रैप चोरी में फंसे डिपो प्रभारी से मांगा स्पष्टीकरण
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मेरठ। स्क्रैप चोरी और बेकसूर संविदा चालक को बिना अधिकार हटाने के मामले में फंसे नगर निगम डिपो प्रभारी पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। मंडलायुक्त के निर्देश पर जारी जांच में डिपो प्रभारी के खिलाफ जहां स्क्रैप चोरी के सबूत मिले हैं, वहीं संविदा चालक को हटाने के लिए नगर आयुक्त के फर्जी हस्ताक्षर करने का भी जिम्मेदार पाया गया है। इस मामले में जांच अधिकारी अपर नगर आयुक्त ने तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। मामला खुलने पर नगर निगम में हड़कंप मचा है।
यह मामला पिछले साल का है। दिल्ली रोड डिपो प्रभारी गजेंद्र सिंह ने डीजल और स्क्रैप चोरी का आरोप लगाकर संविदा चालक संदीप कुमार को हटा दिया था और उसके खिलाफ ब्रह्मपुरी थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। संदीप ने इस मामले की शिकायत मंडलायुक्त से लेकर शासन तक की थी। शासन के जवाब तलब के बाद जांच कराई गई तो पता चला कि संदीप को फंसाने की साजिश की गई थी।
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जांच के दौरान डिपो प्रभारी गजेंद्र सिंह साक्ष्य मांगे तो उन्होंने नगर आयुक्त के फर्जी हस्ताक्षर करके साक्ष्य की फोटो प्रति मुहैया कराई। मामले का खुलासा होने के बाद जांच अधिकारी अपर नगर आयुक्त श्रद्धा शांडिल्यायन ने डिपो प्रभारी को नोटिस जारी करके चार बिंदुओं पर तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है।
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स्क्रैप चोरी होने पर भी इसकी सूचना विभागाध्यक्ष को न देने के साथ ही एफआईआर दर्ज नहीं कराने, बिना अधिकार संविदा चालक को हटाने, जांच के दौरान नगर स्वास्थ्य अधिकारी को चोरी के साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराने और संदीप को हटाने के संबंध में नगर आयुक्त के फर्जी हस्ताक्षर वाले प्रपत्र की मूल कापी की बजाय छाया प्रति उपलब्ध कराना शामिल है। डिपो प्रभारी को इन सभी बिंदुओं पर स्पष्टीकरण देना है।
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