लोकसभा के बाद अब राज्यसभा में भी तीन तलाक बिल पास हो गया। राज्यसभा में बिल के पास होने पर दारुल उलूम ने खामोशी इख्तियार करते हुए महज इतना ही कहा कि वह अपने पुराने रुख पर कायम है, जबकि उलमा का कहना है कि शरीयत के खिलाफ किसी भी बिल का समर्थन नहीं किया जाएगा।
मंगलवार को राज्यसभा में बरसों से चली आ रही तीन तलाक की कुप्रथा के अंत वाला बिल पास होने के मामले में इस्लामी तालीम के सबसे बड़े मरकज दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने कहा कि वह अपने पुराने रुख पर कायम है।
वहीं जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि बीजेपी जबरदस्ती मुसलमानों पर इस कानून को थोप रही है, जबकि बिल में हजारों खामियां हैं। इन्हें दूर किए बिना बिल को राज्यसभा में पास कराने से साफ है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास के नारे से फिर गए हैं।