शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी के अयोध्या को लेकर दिए गए बयान पर देवबंदी उलमा का कहना है कि रिजवी को फालतू बयानबाजी करने की आदत पड़ गई हैं। भगवान श्रीराम का उनके सपने में आना उनकी जहनी सोच का नतीजा है।
दरअसल, वसीम रिजवी ने भगवान राम के रोते हुए सपने में आने का जिक्र करते हुए कहा कि अयोध्या राम का जन्म स्थान है मुस्लिम खलीफाओं का कब्रिस्तान नहीं। इस बयान को लेकर फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी का कहना है कि रिजवी को फालतू के बयान देने की आदत पड़ गई है। वह किसी ने किसी तरह से सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं। उन्हें अयोध्या को लेकर जो सपना आया है दरअसल वो उनकी जहनी सोच का नतीजा है। क्योंकि ख्वाब जो है वो परेशां ख्याली का नाम है।