उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में रहने वाले सभी धर्मों की जिम्मेदारी बनती है कि वह एक दूसरे के धर्मों का सम्मान करें और कोई भी ऐसा काम न करें जिससे उनकी भावनाएं आहत होती हों। जिस तरीके से श्रीराम लिखी ईंटों को नाली निर्माण में इस्तेमाल किया जा रहा है यह सरासर गलत है और इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले की तह तक पहुंचे और इस प्रकार का कार्य करने वाले लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करे।
तंजीम अबना-ए-मदारिस के अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती याद इलाही कासमी ने भी वारयल हो रहे फोटो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो कोई भी इसके लिए जिम्मेदार है उसे सजा जरूर मिलनी चाहिए। हमारा मुल्क आपसी सौहार्द और एकजुटता की मिसाल है। इसमें सभी धर्मों के लोग रहते हैं जो एक दूसरे के धर्म का आदर और सम्मान करते हैं। इस तरह का कार्य किया जाना घोर निंदनीय है। इसकी जांच होनी चाहिए।