जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों के पकड़े जाने के बाद कुछ हिंदू संगठनों द्वारा विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम को बदनाम किए जाने के प्रयास करने पर देवबंदी उलमा का कहना है कि जिन लोगों को एटीएस ने पकड़ा उनका किसी भी मदरसे से कोई ताल्लुक नहीं है। कुछ लोग देश का माहौल खराब करने की आतंकियों की मंशा को पूरा कर रहे हैं।
गुरुवार को नगर के मोहल्ला खानकाह में स्थित नाज मंजिल से जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों की गिरफ्तारी को कुछ हिंदू संगठनों के द्वारा दीनी तालीम के सबसे बड़े मरकज दारुल उलूम से जोड़े जाने को लेकर उलमा ने इसकी कड़ी निंदा की है। मदरसा जामिया तुश शेख हुसैन अहमद अल मदनी के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती हय्यान कासमी ने कहा कि एटीएस ने जिन दो लोगों को पकड़ा है उनका दारुल उलूम तो क्या किसी भी मदरसे में दाखिला नहीं है। उनके देवबंद से पकड़े जाने के लिए किसी भी तरह से दारुल उलूम को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।