असम भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता सईद मोमिनुल अवल ने कहा है कि इस्लाम में जय श्रीराम कहने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। उनके इस बयान पर उलमा का कहना है कि यह मजहबी नारा है इसे किसी पर जबरन थोपा नहीं जा सकता।
सोमवार को सईद मोमिनुल अवल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि सईद को ऐसे बयान नहीं देने चाहिए। क्योंकि हिंदुस्तान लोकतांत्रिक देश है और यहां बगीचे के फूलों की तरह हर मजहब को मानने वाले रहते हैं। संविधान ने सभी को आजादी दी है कि वह अपने मजहब के मुताबिक जिंदगी गुजारें।
उन्होंने कहा कि जय श्रीराम मजहबी नारा है इसको मुसलमान नहीं बोल सकते। सईद और उनके जैसी मानसिकता वाले लोग देश की तरक्की के बारे में सोचें। राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे बयान देकर नफरत का माहौल पैदा न करें। गोरा ने कहा कि ऐसी बातों से देश कमजोर होगा। इसलिए सभी दलों के नेताओं से अपील है कि वह आपसी भाईचारे को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाएं न कि ऐसे बयान दें जिससे मुल्क में नफरत का माहौल पैदा हो।
बता दें कि सईद मोमिनुल अवल ने बयान दिया है कि मुस्लिम जय श्रीराम कह सकते हैं। इस्लाम में इसको कहने के लिए मना नहीं किया गया है।
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