डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ा रही है। वहीं स्वास्थ्य विभाग अस्पताल और नर्सिंग होम पर शिकंजा कसने को तैयार है। एडी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के आदेश पर सभी अस्पताल और नर्सिंग होम को आदेश जारी कर दिया है कि उनके यहां बुखार में भर्ती मरीजों का सैंपल जिला चिकित्सालय में भेजा जाए।
साथ ही प्रतिदिन भर्ती मरीजों को ब्योरा स्वास्थ्य विभाग को मुहैया कराया जाए। ऐसे न करने पर पंजीकरण रद करने से लेकर निरस्त करने तक की चेतावनी दी गई है। उधर, डेंगू से बचाव के लिए न तो जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और न ही कहीं पर फॉगिंग की जा रही है।
डेंगू से पीड़ित मरीजों की संख्या 70 के पास पहुंच गई है, जिसमें से 54 मरीज अकेले मेरठ के बताए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज से प्राप्त एलाइजा टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर जिला मलेरिया अधिकारी राजेश शर्मा की तरफ से यह पुष्टि की गई है। वहीं डेंगू के डर से वायरल के मरीज भी बड़ी संख्या में आकर अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में भर्ती होने वाले मरीजों में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक शामिल हैं। अस्पतालों में जगह नहीं है, जिस कारण कुछ मरीजों को चुनिंदा घंटों के ट्रीटमेंट के बाद छुट्टी देकर वापस घर भेज दिया जा रहा है।
डेंगू मच्छर से बचाव ये हैं उपाय
डेंगू एक तरह का वायरल है जो एडीज मच्छर के काटने के कारण होता है। इसमें बुखार होता है और मरीज की तेजी से प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं। सिर में तेज दर्द के साथ मांसपेशियों में खिंचाव होता है और फिर से बुखार आता है। डेंगू होने पर भी उसका कंप्लीट इलाज संभव है। इसके लिए शरीर में पानी की कमी नहीं होनी देनी चाहिए और बुखार उतारने के लिए पैरासिटामोल टैबलेट ही लेनी चाहिए।
डॉ. तुंगवीर सिंह आर्य का कहना है कि डेंगू की शुरुआती दो स्टेज में मरीज का घर पर ही कंप्लीट इलाज किया जा सकता है, लेकिन इन सब के बीच डेंगू से बचने के लिए बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है।
डेेंगू का मच्छर साफ पानी में रहता है इसलिए घर और आसपास में कहीं पर पानी जमा न होने दें।
इस मौसम में पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
वायरल और डेंगू के बीच लक्षण पहचानें और सामान्य तौर बुखार होने पर घबराये नहीं।
घर में अगर कूलर लगा है तो उसमें एक दो बूंद मिट्टी का तेल डाल दें।