पुरानी पेंशन बहाली के लिए कमिश्नरी पर प्रदर्शन
मेरठ। पुरानी पेंशन योजना बहाली और जुलाई 2017 से बकाया महंगाई भत्ते की किश्तों के भुगतान सहित वेतन विसंगतियों के निराकरण की मांग को लेकर मंगलवार को कमिश्नरी चौराहे पर प्रदर्शन किया गया। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ एवं उप्र शिक्षक महासंघ के संयुक्त तत्वाधान में चौ. चरण सिंह पार्क में धरना प्रदर्शन किया गया। अध्यक्षता शिक्षक महासंघ के जिलाध्यक्ष राकेश तोमर ने की।
शिक्षक दल के नेता एमएलसी ओमप्रकाश शर्मा ने प्रदेश सरकार की दमनकारी नीतियों की घोर निंदा की। कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण बेसिक शिक्षा के अधिकारियों द्वारा निरंतर शिक्षा व शिक्षक विरोधी आदेश जारी किए जा रहे हैं। जिसके तहत अधिकारी शिक्षकों की सेवा शर्तों पर कुठाराघात कर रहे हैं। शिक्षकों को अपमानित किया जा रहा है। जिस कारण पिछले तीन वर्षों में एक भी बेसिक शिक्षक की पदोन्नति नहीं हो सकी।
राकेश तोमर ने कहा कि संगठन अपनी 16 सूत्रीय मांगों को पूर्ण कराने के लिए कटिबद्ध है। प्रदेश के बेसिक शिक्षकों की ज्वलंत समस्याओं का समाधान करने के साथ ही पुरानी पेंशन बहाली, प्रत्येक विद्यालय में प्रधानाध्यापक, प्रत्येक कक्षा पर अध्यापक की नियुक्ति, सफाई कर्मचारी एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी व लिपिक की नियुक्ति सहित अन्य सभी समस्याओं के निराकरण की मांग की। इस दौरान राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, उप्र के मेरठ शाखा के अध्यक्ष विपिन त्यागी ने कहा कि संगठन के प्रांतीय पदाधिकारियों द्वारा पूर्व में कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किए जाने का अनुरोध शासन स्तर पर अनेक बार किया जा चुका है। सभी संगठनों के लोग दोपहर बाद कमिश्नरी पार्क से डीएम कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। इस दौरान सुरेश कुमार, सविता शर्मा, अनुज कुमार, जाकिर अली, जगमोहन, कुलदीप चौधरी, नीरज कुमार, लाखन सिंह, आदेश कुमार, शर्ली भंडारी, अतुल मिश्रा आदि मौजूद रहे।
सामूहिक अवकाश पर गए शिक्षकों पर कार्रवाई के निर्देश
मेरठ। उप्र प्रदेशीय शिक्षक संघ व उप्र शिक्षक महासंघ के शिक्षकों ने सामूहिक अवकाश पर रहकर कमिश्नरी पार्क पर धरना प्रदर्शन किया। मामले में अपर मुख्य सचिव उप्र शासन रेणुका कुमार ने मेरठ सहित प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को पढ़ाई में व्यवधान को लेकर शिक्षकों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए है। अपर मुख्य सचिव ने 17 जनवरी को सभी जिलाधिकारियों को कार्रवाई के लिए पत्र जारी किया था।