- छुट्टी में भी खुला आवास विकास परिषद का दफ्तर, शास्त्री नगर में हुआ ध्वस्तीकरण
- दो दिन में 30 से अधिक भवनों पर हुई कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। रविवार को अवकाश के दिन भी आवास एवं विकास परिषद का कार्यालय खुला। शास्त्रीनगर में लगातार दूसरे दिन भी अवैध दुकानों और मकानों पर बुलडोजर चला। सेक्टर-8, 9 और दो के कुछ हिस्से में सेट बैक छोड़ने के लिए टीम ने कार्रवाई की। कुछ लोग विरोध में आए लेकिन भारी पुलिस बल के कारण उनकी एक न चली। सेक्टर-11 व 13 में मकान मालिकों की टीम से खूब नोकझोंक हुई। दो दिन में 30 से ज्यादा भवनों के छज्जे, बाहर की दीवारें ध्वस्त की गईं।
सुप्रीम कोर्ट के ध्वस्तीकरण के आदेश के अंतर्गत रविवार को दूसरे दिन भी परिषद की ओर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। परिषद के कार्यालय के सामने बनी दुकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूत कर दिया गया। परिषद के कार्यालय के बराबर में ही जूस की दुकान और प्रोविजन स्टोर को भी ढहा दिया गया। कई मकान मालिक और दुकानदारों ने विरोध किया। अधिशासी अभियंता अभिषेक राज ने कहा कि मकानों को चिह्नित कर पूर्व में ही नोटिस जारी किए गए थे। दो महीने से अनाधिकृत निर्माण नहीं हटाए गए और सेट बैक भी नहीं छोड़ा गया इसलिए ध्वस्तीकरण किया गया।
थाना नौचंदी व थाना मेडिकल की पुलिस के साथ ही अतिरिक्त पुलिस की मौजूद में अभियान चला। कुछ मकान मालिकों और दुकानदारों ने विरोध किया लेकिन भारी पुलिस बल के कारण उनकी एक न चली। आरटीओ सड़क पर सेक्टर-8 तथा सेक्टर-13 में एक दर्जन भवनों पर कार्रवाई की गई।
भाजपाई और कांग्रेसी के भवनों पर भी कार्रवाई
आरटीओ का पुल पार करके टीम ने सेक्टर-13 में मकान संख्या 462 तथा 458 के छज्जे जेसीबी ड्रिल से गिराने से शुरू कर दिए। इन दोनों पर मकानों पर भाजपा की पूर्व पार्षद सुरेंद्र देवी शर्मा की नेम प्लेट लगी थी। इस दौरान कुछ व्यापारी और भाजपा नेता भी जुटे लेकिन जुबान नहीं खोली। कांग्रेस के पूर्व महानगर अध्यक्ष जाहिद अंसारी के रिश्तेदारों के मकान संख्या 452/13 पर बुल्डोजर पहुंचा तो परिवार ने विरोध किया। अधिशासी अभियंता अभिषेक राज ने कहा कि दो महीने पहले नोटिस दिया था अभी तक क्यों नहीं सेट बैक छोड़ा। इस पर तनातनी हो गई। जाहिद अंसारी ने रिश्तेदारों को समझाया। बाद में निर्माण तोड़ने के लिए समय मांगा जाने लगा लेकिन टीम छज्जा व उसके ऊपर लगी रेलिंग को ध्वस्त कर दिया।
नहीं काटी बिजली, कई बार निकली चिंगारी
क्षेत्रीय लोगों ने परिषद की टीम पर रसूखदारों पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर भी टीम को घेरा। सेक्टर-13 में 437 व 462 के ध्वस्तीकरण के दौरान बिजली के तारों से चिंगारी भी निकली। चिंगारी देख लोग भाग खड़े हुए। लोगों ने कहा कि अभियान के मद्देनजर शट डाउन नहीं लिया गया, ऐसे में हादसा हो सकता है।